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अपनी मौत की मैं खुद जिम्मेदार: जो भी किया मर्जी से किया, किसी की वजह से नहीं... सुसाइड नोट लिख युवती ने दी जान

Thu, 29 Jun 2023 09:38 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, झांसी

सार

बुधवार की सुबह युवती के पिता घर के पास बने अपने ऑफिस चले गए, जबकि मां बाहर सब्जी लेने चली गईं। युवती घर में अकेली थी। इसी बीच उसने कमरे में जाकर फांसी लगा ली।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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झांसी के करौंदी माता मंदिर के पास आजाद नगर कॉलोनी में बुधवार की सुबह एक नव विवाहिता ने मायके में फंदा लगाकर जान दे दी। चार माह पहले ही उसकी शादी हुई थी। मरने से पहले उसने हथेली पर सुसाइड नोट भी लिखा था। जिसमें उसने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। हालांकि रिश्तेदारों में चर्चा हो रही है कि वह बेमेल विवाह होने से परेशान थी। उसका पति उससे करीब दस साल बड़ा है। उधर, पुलिस विवाहिता का मोबाइल फोन और सामान कब्जे में लेकर छानबीन कर रही है।

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थाना रक्सा के आजाद नगर कॉलोनी निवासी आजाद यादव ठेकेदारी करते हैं। छह फरवरी 2023 को उन्होंने अपनी सबसे छोटी बेटी आकांक्षा (22) की शादी खैलार निवासी जितेंद्र यादव (33) से की थी। जितेंद्र बीएचईएल में संविदा पर काम करता है। परिजनों ने बताया कि 23 जून को आकांक्षा ससुराल से मायके आई थी। मायके आने के बाद भी वह गुमसुम रहती थी। किसी से अधिक बात नहीं करती थी।

बुधवार की सुबह पिता घर के पास बने अपने ऑफिस चले गए, जबकि मां बाहर सब्जी लेने चली गईं। आकांक्षा घर में अकेली थी। इसी बीच उसने कमरे में जाकर फांसी लगा ली। कुछ देर बाद जब मां लौटकर घर आई तब बेटी को फंदे से लटका देखकर चीख पड़ी। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग आ गए। सूचना मिलने पर रक्सा पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा। रक्सा थाना प्रभारी अरुण तिवारी का कहना है कि आकांक्षा के सुसाइड नोट और फांसी लगाने के मामले की छानबीन की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

जो भी किया, अपनी मर्जी से किया...
आकांक्षा ने अपने बांये हाथ की हथेली पर पांच लाइन लिखी थीं। इसमें उसने लिखा था कि जो भी किया, मैंने अपनी मर्जी से किया। किसी की वजह से नहीं... मेरे मरने की वजह मैं खुद हूं। उधर, शादी के चार माह बाद उसने आत्महत्या क्यों कर ली, परिवार के लोग भी यह बात नहीं बता पा रहे हैं।
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चार बहनों में सबसे छोटी थी आकांक्षा
आकांक्षा की मौत से उसके मायके वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। पिता भी सदमे में हैं। चार बहनों में आकांक्षा सबसे छोटी थी। उससे एक भाई छोटा है। भाई अभी पढ़ाई करता है जबकि बहनों की शादी हो गई है।
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