बताया कि मनीष के साथ हुई घटना पहली नहीं है। इससे पहले भी पशुओं के हमले में लोग जान गंवा चुके हैं। कई किसान घायल हो चुके हैं। छुट्टा पशु एक झुंड में आते हैं। यदि कोई उन्हें भगाता है तो वह हमलावर हो जाते हैं। इस समस्या का समाधान होना चाहिए, नहीं तो इस तरह की घटनाएं सामने आती रहेंगी।
हेमपुरा निवासी मनीष शाक्य माता-पिता का इकलौता पुत्र था। दो बहनों की शादी हो चुकी है। कुछ वर्ष पूर्व मां और पिता की मृत्यु हो गई थी। मनीष 2.50 बीघा खेत में मेहनत कर पत्नी सुधा और दो बच्चे 10 वर्षीय पुत्र हैप्पी और छह वर्षीय पुत्री वैष्णवी का भरण पोषण कर रहा था।
यह भी पढ़ेंः- Agra: महिला के अंतिम संस्कार में आए थे रिश्तेदार, छज्जा पर खड़े थे, अचानक भरभराकर गिर गया; छह लोग गंभीर घायल
इस बार मक्का की फसल की थी और फसल में लाभ होने की उम्मीद के बीच बच्चों के बेहतर भविष्य को लेकर कई सपने भी संजोये थे। लेकिन, शनिवार की रात सांड़ के हमले में मनीष की जान चली गई। मनीष की मौत के साथ ही दोनों मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। वहीं मनीष का इस तरह साथ छोड़ जाने के बाद पत्नी सुधा भी अकेली रह गई है।