मैनपुरी। विकासखंड सुल्तानगंज की ग्राम पंचायत सहारा में ग्राम प्रधान पर मनरेगा के विकास कार्यों में अनियमितता की जांच पूरी हो चुकी है लेकिन यह जांच रिपोर्ट आगे नहीं बढ़ पा रही है। विभागीय अधिकारी का कहना है कि कुछ बिंदुओं पर विस्तृत जांच को कहा है, रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। ग्राम पंचायत सहारा के शिकायतकर्ता दलवीर सिंह ने मुख्य विकास अधिकारी को एक शिकायती पत्र दिया था। इसमें बताया कि ग्राम प्रधान ने वर्ष 2023-24 व 2025-26 में मनरेगा के तहत मजदूरों के भुगतान में फर्जी धनराशि निकालकर सरकारी धनराशि का घोटाला किया है। आरोप है कि प्रधान ने एक ही परिवार के पति-पत्नी व अविवाहित बच्चों के जाॅब कार्ड बनाकर उनके खातों में भुगतान किया है, जबकि योजना का लाभ परिवार में एक ही व्यक्ति को दिया जा सकता है। प्रधान ने मनरेगा भुगतान में करीब 3.14 करोड़ रुपये व निर्माण सामग्री में 1.40 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया है। वित्तीय वर्ष में निर्माण सामग्री के फर्जी एस्टीमेट तैयार करा सरकारी धनराशि हड़पने की योजना तैयार की जा रही है। इस शिकायत पर जांच मनरेगा लोकपाल को सौंपी गई थी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जांच के दौरान शिकायतकर्ता के बताए जॉब कार्ड फर्जीवाड़े के आरोप सही मिले हैं। लोकपाल की जांच भी पूरी हो चुकी है लेकिन रिपोर्ट अभी सीडीओ की टेबल तक नहीं पहुंच सकी है। इस बारे में डीडीओ व उपायुक्त मनरेगा अजय कुमार ने बताया कि लोकपाल को कुछ बिंदुओं पर और जांच के लिए कहा है, जैसे ही रिपोर्ट आती है। उसे मुख्य विकास अधिकारी के समक्ष पेश की जाएगी।