फोटो 44 बेवर में रामलीला कार्यक्रम के दौरान राम, सीता और लक्ष्मण के पैर पखारता केवट स्वरूप। संव
बेवर। रामलीला में शनिवार को केवट संवाद की लीला का मंचन बाल कलाकारों ने किया। प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वनगमन प्रसंग के दौरान केवट का भगवान के प्रति समर्पण एवं अपार प्रेम दिखाया गया। जब प्रभु श्रीराम गंगा पार करने के लिए तट पर पहुंचे तो उन्होंने निषादराज केवट से नाव मांगी। केवट ने प्रभु के चरणों की महिमा का बखान करते हुए पहले चरण पखारने की शर्त रखी। केवट ने कहा कि आपके चरणों की रज से पत्थर की शिला अहिल्या बन गई थी। कहीं मेरी काठ की नाव नारी न बन जाए। केवट के इस अनन्य और निष्कपट प्रेम को देखकर भगवान मुस्कुराए और उन्हें चरण धोने की अनुमति दी। इस मौके पर कमेटी अध्यक्ष अनुपम दीक्षित, चौधरी इंद्रपाल सिंह, लकी पांडेय, प्रबल शुक्ला, अन्नू लालजी दीक्षित, कुंदनलाल, रानू गुप्ता, संजीव अग्निहोत्री आदि मौजूद रहे।