फोटो 6 गांव नगला बनवारी पर भट्ठे पर सजी सहित्यकार उपेंद्र भोला की क्लास। संवाद
मैनपुरी। मजदूरों के बच्चे भी बड़े होकर सिर पर ईंट न ढोएं इसलिए एक सरकारी शिक्षक भट्ठे पर शिक्षा की लाै जला रहे हैं। अपने स्कूल की छुट्टी के बाद साहित्यकार और घिरोर विकास खंड स्थित कंपोजिट विद्यालय अंबरपुर के सहायक अध्यापक उपेंद्र भोला गांव नगला बनवारी स्थित नुमाइश पंडाल के पीछे ईंट भट्टे पर रोजाना एक घंटे मजदूरों के बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाते हैं ताकि उनका भविष्य संवर सके। उपेंद्र भोला ने बताया कि माता-पिता ने उन्हें बेहतर शिक्षा प्रदान करने के साथ हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रेरित किया। अप्रैल 2025 में मां की मौत के बाद उन्होंने उनकी याद में जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाने का संकल्प लिया। वह प्रतिदिन सुबह समय से घिरोर विकास खंड स्थित अपने विद्यालय पर जाते हैं और वहां बच्चों को पढ़ाते हैं। छुट्टी के बाद प्रतिदिन शाम को वह गांव नगला बनवारी स्थित भट्ठे पर मजदूरों के बच्चों को पढ़ाने जाते हैं। उनके पास तीन से 14 साल तक के करीब 30 बच्चे शुरुआती शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इसमें पारंगत होने के बाद वह इन बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ेंगे ताकि अन्य बच्चों की तरह वह भी स्कूलों जाकर विधिवत शिक्षा ग्रहण कर सकें।