फोटो 4 जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय। संवाद
मैनपुरी। माध्यमिक स्कूलों के छात्र-छात्राओं का तनाव दूर करने के लिए अब माध्यमिक विद्यालयों में हर सप्ताह मानसिक स्वास्थ्य परामर्श शिविर लगाए जाएंगे। इनमें चिकित्सक विद्यार्थियों से बातचीत कर तनाव दूर करने के टिप्स देंगे जिससे उन्हें पढ़ाई के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी और तनाव नहीं हो।हाल के वर्षों में देखा जा रहा है कि पढ़ाई के कारण छात्र-छात्राओं में तनाव की स्थिति रहती है। ऐसे में वह रात भर सो नहीं पाते हैं। इससे उनकी मानसिक हालत बिगड़ जाती है। शासन की पहल पर स्वास्थ्य विभाग की मदद से छात्र-छात्राओं से तनाव का कारण जानने और उसे दूर करने के लिए सभी राजकीय और वित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों में मानसिक स्वास्थ्य परामर्श शिविर लगाए जाएंगे। अब सप्ताह में एक दिन विद्यालयों में मानसिक विशेषज्ञ और अन्य स्वास्थ्य कर्मी पहुंचकर विद्यार्थियों से बातचीत करेंगे और पढ़ाई के बारे में जानकारी लेंगे। इसके बाद उन्हें तनाव से दूर रहने के टिप्स देंगे।जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार ने बताया कि छात्र-छात्राओं को तनाव मुक्त होकर पढ़ाई करनी चाहिए। यदि वह तनाव लेकर पढ़ाई करेंगे तो उनके दिमाग पर असर पड़ेगा। मानसिक स्वास्थ्य आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। साल में 40 शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों की काउंसलिंग की जाएगी। महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में टेली मेडिसिन विभाग की स्थापना की गई है। यहां तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की गई है। गांव-गांव कम्युनिटी हेल्थ सेंटर खोले गए हैं। स्कूलों में लगने वाले शिविरों के अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग ने कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) के माध्यम से छात्र-छात्राओं की मानसिक तनाव संबंधी समस्याओं के ऑनलाइन निस्तारण का भी निर्णय लिया है। इसके लिए यदि किसी छात्र-छात्रा का तनाव की समस्या रहती है तो वह अपनी नजदीकी सीएचसी पर पहुंचकर सीएचओ की मदद से टेली मेडिसिन विभाग में तैनात डॉक्टरों से ऑनलाइन उपचार ले सकता है। यदि कोई छात्र तनाव में रहता है तो वह टेली मानस हेल्पलाइन नंबर- 14416 व 18008914416 पर कॉल कर उचित सलाह ले सकता है। जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार का कहना है कि छात्र-छात्राओं के तनाव मुक्ति के लिए हर सप्ताह स्कूलों में स्वास्थ्य जागरूकता शिविर के रूप में एक कक्षा लगेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की मदद ली जा रही है। यह छात्र-छात्राओं के लिए एक श्रेष्ठ कदम है। शासनादेश के तहत इसका संचालन कराया जाएगा।