मैनपुरी। बढ़ती गर्मी के बीच धूल, धूप और उमस के कारण आंखों से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में इन दिनों आंखों में दिक्कत लेकर उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीज बढ़े है। डॉक्टरों के अनुसार, आंखों में जलन, खुजली और लालिमा की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 90 से 100 मरीज आंखों से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से लगभग 40 से 50 मरीजों में कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण पाए जा रहे हैं। डॉ. अनुज कुमार यादव का कहना है कि गर्मी के मौसम में धूल, पसीना और तेज धूप आंखों को अधिक प्रभावित करते हैं। इससे संक्रमण और जलन की समस्या बढ़ जाती है। गर्मी के दिनों में पसीना आंखों में जाने और धूल के कणों के संपर्क में आने से आंखों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि कई मरीज आंखों में जलन, लालिमा और पानी आने की समस्या के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। यदि समय रहते सावधानी न बरती जाए तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
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कंजंक्टिवाइटिस के प्रमुख लक्षण
-आंखों में खुजली।
-जलन या चुभन होना।
-आंखों का लाल या गुलाबी दिखना।
-आंखों में किरकिरी महसूस होना और सूजन आ जाना।
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कंजंक्टिवाइटिस के प्रमुख कारण
- किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आना जिसे वायरल या बैक्टीरियल कंजक्टिवाइटिस है।
- किसी ऐसी चीज के संपर्क में आना जिससे आपको एलर्जी (एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस) है।
- रसायनों का एक्सपोजर जैसे स्विमिंग पूल के पानी में मौजूद क्लोरीन के संपर्क में आना।
- कांटेक्ट लेंस का इस्तेमाल करना, विशेषकर लगातार उन्हें लंबे समय तक लगाए रखना।
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बचाव के उपाय
- अपनी आंखों को अपने हाथ से न छुएं।
- जब भी जरूरी हो अपने हाथों को धोएं।
- अपनी निजी चीजों जैसे तौलिया, तकिया, आई कॉस्मेटिक्स (आंखों के मेकअप) आदि को किसी से साझा न करें।
- अपने रुमाल, तकिये के कवर, तौलिये आदि चीजों को रोज धोएं।