मैनपुरी। कचहरी रोड स्थित कबीर आश्रम में निरंकारी सत्संग का आयोजन हुआ। महंत अमर साहेब ने कहा कि जब तक हमें अपने ही दिल की बात सुनने की फुरसत नहीं होगी तो हम आत्मा की आवाज को कैसे सुन पाएंगे। संसार में ज्ञानी, ध्यानी, दाता, सूर अनेक भरे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि शील से परिपूर्ण होना जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। कहा कि जो हम दिल की आवाज सुनें। उसी का अनुसरण जीवन में करें तब हमारा दिल अपने बस में होगा। इसमें किसी भी वासनात्मक विकार की गुंजाइश नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जब जीव में परमात्मा स्वरूप नजर आता है तभी सच्चा धर्म हमारे अंदर प्रवेश करता है। धर्म ऊपर से थोपने की चीज नहीं है। अंदर समाया हुआ धर्म ही धर्म है। जहां पर सद्गुरु कबीर की वाणी होगी वहां कानों को बंद नहीं करना पड़ेगा। एक हितकारी कदम ही सच्चा धर्म है। इस अवसर पर भक्तों की भीड़ मौजूद थी।