नेताजी के सम्मान में लोग गदगद
सरकार ने नेताजी को मरणोपरांत पद्म विभूषण सम्मान दिए जाने की घोषणा की थी। बुधवार को राष्ट्रपति भवन में सपा प्रमुख और नेताजी के पुत्र अखिलेश यादव ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से ये सम्मान प्राप्त किया। नेताजी को सम्मान मिला तो मैनपुरी को फिर से एक बार अपनी किस्मत पर अभिमान हुआ। मैनपुरी फिर एक बार अपने नेताजी के सम्मान पर गदगद नजर आई।
मैनपुरी को दूसरा घर मानते थे नेताजी
पूर्व पैकफेड चेयरमैन तोताराम यादव कहते हैं कि मैनपुरी और नेताजी दोनों एक-दूसरे के पूरक थे। मैनपुरी की जनता ने नेताजी को आशीर्वाद दिया तो नेताजी ने भी मैनपुरी का विकास करके अपना प्यार लुटाया। नेताजी ने आजीवन मैनपुरी को अपनी कर्मभूमि और दूसरा घर मानकर हमेशा सम्मान दिया।
मैनपुरी के लिए नेता हीं भावना थे नेताजी
रठेरा गांव निवासी वरिष्ठ नेता रामराज सिंह कहते हैं कि ये सम्मान मुलायम सिंह यादव का नहीं बल्कि उनकी मैनपुरी का है। मैनपुरी में मुलायम सिंह यादव नेता नहीं बल्कि एक भावना था। एक ऐसी भावना जो जन-जन से जुड़ी थी। आज भी लोग मैनपुरी और मैनपुरी के लोगों से नेताजी द्वारा निभाए गए रिश्तों की मिसाल देते हैं।
कब-कब मैनपुरी से सांसद चुने गए नेताजी
- 1996 में पहली बार सांसद बने मुलायम सिंह यादव
- 2004 में दूसरी बार सांसद चुने जाने के बाद छोड़ दी सीट
- 2009 में तीसरी बार चुने गए मैनपुरी से सांसद
- 2014 में चौथी बार सांसद चुने जाने के बाद छोड़ी सीट
- 2019 में पांचवीं बार मैनपुरी से चुने गए सांसद