किशनी। वांछित वारंटी की गिरफ्तारी को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने तीन वारंटियों की गिरफ्तारी का प्रेसनोट जारी कर दिया, हालांकि जिन दो लोगों के नाम बताए गए वे गिरफ्तार ही नहीं हुए थे। प्रभारी निरीक्षक ने इसे टाइपिंग मिस्टेक बताया है।थाना पुलिस ने 11 जनवरी को एक प्रेसनोट जारी किया, इसमें तीन वारंटी सुमित, डॉक्टर अमित पांडेय निवासी सब्जी मंडी कुसमरा व ओमकार निवासी यादव नगर की गिरफ्तारी दिखाई गई। इन्हें न्यायालय में पेश किए जाने की बात कही गई। सोशल मीडिया के जरिए जब अमित पांडेय को इसकी जानकारी हुई तो वह चौंक गए, क्योंकि वह तो घर पर थे, फिर पुलिस ने उनकी जगह किसे गिरफ्तार कर लिया। बताया कि उनके व भाई के खिलाफ वारंट थे। तीन जनवरी की तारीख थी, मगर इससे पहले ही दिसंबर में उन्होंने न्यायालय में समर्पण कर जमानत करा ली थी। इसके बाद भी तीन जनवरी को वह तारीख पर गए थे। चार फरवरी की तारीख दी गई थी। प्रेसनोट से पता चला कि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार दिखाया है। जब इस बारे मेें प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह से जानकारी ली गई तो बताया कि गलती से प्रेसनोट में गिरफ्तारी लिख गई। पुलिस जमानत कराने की बात कह कर आई थी। प्रभारी निरीक्षक ने प्रेसनोट में हुई गलती को स्वीकार किया।