नवीगंज। नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के छठवें दिन रविवार को भगवान श्रीकृष्ण की महा रासलीला, मथुरा गमन, कंस वध और रुक्मिणी विवाह का प्रसंग कथाव्यास बृजनेश माधव शास्त्री ने सुनाया। उन्होंने कहा कि महारास जीव और ब्रह्म के पावन मिलन का प्रतीक है। इसको सांसारिक दृष्टि से परे केवल निष्काम भक्ति और पवित्र प्रेम से ही समझा जा सकता है। कथा में भगवान श्रीकृष्ण और देवी रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग सुनाया गया। पंडाल में झांकी सजाई गई। इस मौके पर आयोजक अजय बाथम, सरनाम राजपूत आदि मौजूद रहे।