पुरस्कार दिलाने के लिए प्रोग्राम मैनेजर करा रहे गड़बड़ी
एक पूर्व ईएमटी ने मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से करते हुए कहा है कि प्रोग्राम मैनेजर चहेतों को पुरस्कार दिलाने के लिए 102 के बजाय 108 सेवा को प्रसव जैसे केस ट्रांसफर करा रहे हैं। पुरस्कार के नाम पर प्रोग्राम मैनेजर संबंधित ईएमटी और पायलट से अपना शेयर भी मांगते हैं। हालांकि प्रोग्राम मैनेजर ने आरोपों को निराधार बताया है।
प्रसव के दौरान संक्रमण का भी रहता है खतरा
108 एंबुलेंस सेवा में स्ट्रेचर पर बीमारों और घायलों को ले जाया जाता है। इसके चलते यह एंबुलेंस प्रसव के लिए किसी प्रकार से उचित नहीं है। प्रसव ऐसे स्थान पर होना चाहिए जो पूरी तरह से साफ सुथरा हो। सोशल मीडिया पर दी गई रिपोर्ट के अनुसार 108 सेवा के उन स्ट्रेचर पर ही प्रसूताओं का प्रसव कराया गया है जिन पर बीमार और घायलों को ले जात है।
केस नंबर-एक
एक मई 2023 को 108 एंबुलेंस संख्या यूपी 32 ईजी 0228 के ईएमटी सतेंद्र कुमार और पायलट दीपक कुमार ने गांव रामनगर खिरिया निवासी महिला को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में एंबुलेंस रोककर प्रसव कराया। इस गाड़ी में महिला ईएमटी नहीं थी। पुरुष ईएमटी सतेंद्र कुमार ने महिला का प्रसव कराया। इससे परिजन भी अपने को शर्मसार महसूस कर रहे थे।
केस नंबर-दो
12 फरवरी 2023 को 108 एंबुलेंस संख्या यूपी 32 बीएच 8880 ईएमटी अंकित और पायलट अशोक कुमार ने अंगौथा निवासी महिला का रास्ते में एंबुलेंस रोककर प्रसव कराया। इस एंबुलेंस में पुरुष ईएमटी अंकित कुमार और पायलट अशोक कुमार मौजूद थे। यहां भी पुरुष ईएमटी ने प्रसव कराया इसके चलते महिला को शर्मसार होना पड़ा।
केस नंबर- तीन
23 जनवरी 2023 को 108 एंबुलेंस सेवा के ईएमटी प्रतीक कुमार और पायलट जोगेंद्र ने गांव बहादुरपुर निवासी महिला का रास्ते में एंबुलेंस रोककर प्रसव कराया। सुदीप के परिजन ने 102 एंबुलेंस सेवा के लिए कॉल किया था, लेकिन उन्हें 108 एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई गई। यहां भी पुरुष ईएमटी ने प्रसव कराया जिससे परिजन हैरान थे।
सीएमओ डॉ. पीपी सिंह ने बताया कि प्रसूताओं के लिए 102 एंबुलेंस सेवा का संचालन है। 108 सेवा बीमारों और दुर्घटनाओं में घायल होने वालों के लिए संचालित है। 102 एंबुलेंस सेवा का संचालन इस उद्देश्य से हो रहा है कि महिलाओं को समय से प्रसव के लिए अस्पताल लाया जाए। 108 एंबुलेंस मे प्रसव कराया जा रहा है, तो इस मामले जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।