फोटो 18 बिछवां के गांव नगला शंभू के पास नहर किनारे पड़े पिछली साल के पौधे। संवाद
बिछवां। शासन के निर्देश पर हर साल वृहद पौधरोपण होता है। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण हर साल बड़ी संख्या में पौधे नष्ट हो जाते हैं। क्षेत्र के ग्रामीणों ने पिछली साल किए गए पौधरोपण के सूखे पौधे उखाड़कर फिर से नये गड्ढे करने का आरोप लगाया है। विकास खंड सुल्तानगंज के गांव नगला ऊसर और नगला शंभू से होकर निकलने वाली बेवर ब्रांच नहर की पटरी पर वन विभाग की ओर से पिछले साल पौधरोपण किया गया था। गांव नगला शंभू निवासी बाबा लालाराम सखी ने बताया कि वन विभाग ने वर्ष 2025 में नहर की पटरी पर पौधरोपण के लिए गड्ढे खोदे गए थे। वन विभाग के कर्मचारी गड्ढे खोदे जाने के बाद ट्रैक्टर-ट्राली में पौधे को भरकर लाए। खानापूरी कर उलटे सीधे पौधे डालकर चले गए। उनका कहना है कि स्थानीय वनरक्षक की लापरवाही से ये पौधे सूख गए। इस बार भी तीन दिन पूर्व नहर की बीच वाली पटरी पर गड्ढे खोदे गए हैं और वहां पहले से ही लगे पौधों को उखाड़ कर फेंक दिया गया है। पिछली बार की तरह इस बार भी विभाग जमीन में गड्ढे खोदकर पैसे निकाल लेगा और कागजों में पौधरोपण की कार्रवाई कर देगा। ग्रामीणों ने वन विभाग के क्षेत्राधिकारी से मामले में जांच कर कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है ग्रामीणों ने जो शिकायत की है उसकी जांच की जाएगी जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
शिवम मिश्रा डीएफओ।
फोटो 18 बिछवां के गांव नगला शंभू के पास नहर किनारे पड़े पिछली साल के पौधे। संवाद