मैनपुरी के किशनी के गांव गोकुलपुर में रिश्तों का कत्ल करने वाला शिववीर ने आखिर हत्याकांड को अंजाम क्यों दिया। यह बात अभी तक पहेली बनी हुई है। उस पर कर्ज अधिक हो गया था। या फिर ऐसी कोई बात थी। जिसे भी किसी के सामने बयां नहीं कर पा रहा था।
इस तरह का वीभत्स हत्याकांड निश्चित तौर पर आरोपी की घृणित मानसिकता को दर्शाता है। यह घृणा किस से और किस बात पर थी। इसका जवाब अभी तक किसी के पास नहीं है। गोकुलपुर अरसारा में अपने दो सगे भाइयों, भाई की नवविवाहित पत्नी, अपने बहनोई और भाई के एक दोस्त की जिस बेरहमी से हत्या की है।
उसे देख कर तो यही कहा जा सकता है कि जरूर कोई ऐसी वजह होगी। जो आरोपी के अंदर ही अंदर उसे उकसा रही होगी। वह बात न तो वह किसी से कह पा रहा था। न हीं वह उस वजह के साथ रह पा रहा था।
हत्याकांड को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आ सकी है। लेकिन यह तो साफ है कि जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है, वह आरोपी घृणित मानसिकता और नकारात्मक सोच को जाहिर करती है। लेकिन यह घृणा उसे किस से थी, इसकी वजह क्या थी। इन सवालों के जवाब मिलना भी बेहद जरूरी है।
पिता के बताए अनुसार उसने कर्ज ले रखा था। लेकिन कर्ज में व्यक्ति खुद को नुकसान पहुंचाता है या सामने वाले पर वार करता है। लेकिन यहां तो आरोपी ने भाइयों, दूसरे परिवार से आई बहू, भाई के दोस्त और कर्ज से बचाने में सहयोगी बहनोई का ही कत्ल कर डाला। ऐसेे में घटना के समय आरोपी की मनोदशा और हत्याकांड की वजह को लेकर जवाब शायद किसी के पास नहीं है।
हत्याकांड में दिखा आरोपी का दोहरा चरित्र
एक ओर पांच लोगों की हत्याएं करना दूसरी ओर अपने बच्चों के हितैषी पिता का दोहरा चरित्र समझ से परे है। परिजन व ग्रामीणों का कहना है कि शिववीर सनकी था, वह परिजन से झगड़ा करता था। माता-पिता को मारता पीटता था। भाइयों से भी उसकी दूरी थी। ऐसा व्यक्ति इस तरह के हत्याकांड को अंजाम दे सकता है। लेकिन वहीं दूसरे पहलू को देखते तो एक ओर पांच हत्याएं करने वाला कातिल, अचानक से अपने बच्चों को देख हितैषी पिता बन जाता है।
बच्चों को सुरक्षित स्थान पर छोड़ कर वापस आता है और फिर से खून खराबा शुरू कर देता है। ऐसे में आरोपी के दोहरे चरित्र के चलते हत्याकांड को लेकर कोई भी अनुमान लगाना अभी जल्दबाजी हो सकती है।
दूसरे मकान की सीढ़ी से छत पर पहुंचा था शिववीर
छोटा भाई सोनू पत्नी सोनी के साथ छत पर सोने के लिए गया था। इस दौरान दरवाजे की सोनू ने कुंडी लगा ली थी। इसके बाद नवविवाहित एक चारपाई पर लेट गए थे। आरोपी शिववीर ने छत पर आने के लिए पड़ोस में बने दूसरे मकान की सीढ़ी का सहारा लिया और छत पर आकर भाई और उसकी पत्नी का कत्ल कर दिया।
मैनपुरी में छोटे दो भाइयों, नवविवाहिता और बहनोई समेत पांच की गला काटकर हत्या
मैनपुरी के किशनी गांव के गोकुलपुर अरसारा में शनिवार की सुबह बड़े भाई ने दो छोटे भाइयों, नवविवाहित बहू, भाई के दोस्त सहित पांच लोगों की फरसा से काट कर हत्या कर दी। इसके बाद पत्नी और मामी पर भी हमला किया। लेकिन दोनों किसी तरह बच गईं। पिता ने रोका तो उनके हाथ में भी फरसा मार दिया। वह भी घायल हुए हैं।
हत्याओं को अंजाम देने के बाद खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। पिता ने कहा कि कर्ज न चुका पाने पर मानसिक रूप से परेशान था, इसीलिए हत्याकांड को अंजाम दिया है। हत्याकांड से गोकुलपुर गांव दहल गया। एडीजी और आईजी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी ली। एडीजी राजीव कृष्ण का कहना है कि जब तक घायलों को होश नहीं आ जाता तब तक हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सकता। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
थाना क्षेत्र के गांव गोकुलपुर अरसारा निवासी सुभाष चंद्र के तीन पुत्रों में सबसे बड़ा शिववीर यादव (28) पुणे में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। भाई सोनू की शादी में शामिल होने के लिए गांव आया था। जनपद इटावा के गांव गंगापुर से भाई की बरात बहू सोनी (20) को विदा करा कर शुक्रवार को घर लौटी थी।
दिन भर शादी की रस्में चलीं, रात को एक बजे तक डीजे बजा और खूब नाच गाना हुआ। इस बीच शिववीर ने कोल्डड्रिंक भी पिलाई। इसके कुछ देर बाद ही सभी लोग सोने के लिए चले गए। शिववीर ने छत पर सो रही नवविवाहित बहू सोनी पर फरसा से वार कर मौत के घाट उतार दिया। पास ही सो रहे उसके पति मझले भाई सोनू (24) पर फरसा से कई वार कर हत्या कर दी।
इसके बाद नीचे आकर आंगन में सो रहे छोटे भाई भुल्लन (22), बहनोई सौरभ (23) निवासी चांदा हविलिया थाना किशनी और भुल्लन के दोस्त दीपक उपाध्याय (20) निवासी फिरोजाबाद की गला काट कर हत्या कर दी। गुस्से में आरोपी ने घर के बाहर सो रही पत्नी डॉली और मामी सुषमा पत्नी विनोद निवासी नगला रामलाल थाना भरथना जनपद इटावा पर हमला किया।
इस बीच वह लोग जाग गए और शोर मचा दिया। सुबह करीब चार से पांच बजे के बीच हुए इस घटनाक्रम के बाद आरोपी ने घर के पीछे जाकर तमंचा से खुद के सिर में गोली मार कर खुदकुशी कर ली। गोली चलने की आवाज और परिजन की चीख पुकार सुनकर ग्रामीण एकत्र हो गए। पांच लोगों की हत्या से गांव के लोग दहल उठे।