फोटो 6 जरी-जरदोजी प्रशिक्षण का निरीक्षण करते सीडीओ संतोष बहादुर सिंह। स्रोत विभाग
मैनपुरी। एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत महिलाओं को जरी-जरदोजी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र की ओर से संचालित प्रशिक्षण के सातवें दिन मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी संतोष बहादुर सिंह ने निरीक्षण किया। सीडीओ ने कहा कि जरी-जरदोजी को रोजगार से जोड़कर पारंपरिक उद्योग को बढ़ावा दे सकते हैं।उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं महिलाओं से जरी-जरदोजी के बारे में जानकारी ली और इस पारंपरिक कला की बारीकियों को समझा। सीडीओ ने लाभार्थियों से प्रशिक्षण के तहत सीखी जा रही तकनीकों और जरी-जरदोजी के काम के बारे में बातचीत की। उन्होंने कहा कि यह मैनपुरी की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य है।उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल महिलाओं को हुनर सिखाना ही नहीं, बल्कि उन्हें इसके माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सक्षम बनाना भी है। महिलाएं प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इस कला को रोजगार के रूप में अपनाएं और अपनी आजीविका का साधन बनाएं। उपायुक्त उद्योग डॉ. बनवारी लाल ने बताया कि ओडीओपी योजना के तहत प्रशिक्षण के द्वितीय चरण में 125 लाभार्थियों को जरी-जरदोजी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस दौरान सहायक आयुक्त उद्योग रामशरन, सहायक प्रबंधक अजय कुमार, प्रशिक्षण प्रदाता संस्थान अपेरल ट्रेनिंग एंड डिजाइन सेंटर कानपुर की प्रशिक्षक सरिता और रामतीर्थ सहित अन्य लोग मौजूद रहे।