मैनपुरी। शहर के ज्योंती रोड स्थित निरंकारी सभा भवन पर रविवार को सत्संग का आयोजन हुआ। संत उमेश ने कहा कि जीवन के सफर काे सुंदर बनाना है तो संतों का साथ लेना होगा। उन्होंने कहा कि संतों का साथ मिलने से जीवन में हरियाली और खुशहाली आती है। संत की पहचान उसके कर्मों से होती है। यदि सही रास्ते पर चलना चाहते हो तो दूसरे के नहीं अपने अंदर की कमियों को दूर करें। उन्होंने कहा कि संतों की वाणी का सुनने के बाद उन पर अमल भी करना चाहिए। इस अवसर पर राजेश्वरी देवी, गोपाल, सुनीता, सीपी सिंह, संतोष आदि ने अपने विचार रखे।