फोटो 31 रामलीला मंच पर मंचन करते श्रीराम लक्ष्मण जी के स्वरूप। श्रोत आयोजक
मैनपुरी। रामलीला कमेटी के तत्वावधान में आगरा रोड स्थित मैदान में रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। रविवार शाम श्रीराम-सुग्रीव मित्रता, बाली वध और लंका दहन की लीलाओं का मंचन किया गया। लीला में जैसे ही हनुमान ने सोने की लंका में आग लगाई, पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। कलाकारों ने मंचन में दिखाया कि सुग्रीव अपने भाई बाली के भय से पर्वत की गुफा में रह रहे हैं। सुग्रीव की व्यथा जानने के बाद भगवान श्रीराम उनकी सहायता का वचन देते हैं। इसके बाद श्रीराम के कहने पर सुग्रीव बाली को युद्ध के लिए ललकारते हैं। दोनों भाइयों के बीच भीषण युद्ध होता है। इसी दौरान भगवान श्रीराम बाली का वध कर सुग्रीव को उसके भय से मुक्त कराते हैं। इसके बाद माता सीता की खोज में हनुमान जी समुद्र पार कर लंका पहुंचते हैं। वहां अशोक वाटिका में उन्हें माता सीता के दर्शन होते हैं। हनुमान माता सीता को भगवान श्रीराम का संदेश देते हैं। इसी बीच राक्षस उन्हें पकड़कर रावण के दरबार में ले जाते हैं। रावण के आदेश पर हनुमान की पूंछ में आग लगा दी जाती है। इसके बाद हनुमान लंका में इधर-उधर घूमकर सोने की लंका को आग के हवाले कर देते हैं। लीला का शुभारंभ कमेटी के अध्यक्ष महेश चंद्र अग्निहोत्री, वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया, मंत्री सुरेशचंद्र बंसल बीनू और कोषाध्यक्ष अशोक गुप्ता पप्पू ने भगवान के स्वरूपों की आरती उतारकर किया। इस दौरान नरेंद्र राठौर, राजेंद्र राठौर, बाबा नरेंद्र सिंह राठौर, ओम कुमार सिंह चौहान, मनोज चौहान, कुलदीप सिंह, नंदकिशोर गुप्ता, उदय प्रताप, वंश तिवारी, रवि श्रीवास्तव, यश कुदेशिया आदि मौजूद रहे।