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Mainpuri News: ओलों-बारिश ने बर्बाद किया गेहूं

Tue, 07 Apr 2026 02:29 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
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फोटो 40 बारिश और ओले गिरने से खराब हुआ गेहूं दिखाता किसान। संवाद
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मैनपुरी। बाजार में आलू के सही दाम न मिल पाने के कारण पहले से परेशान किसान थे। वहीं जिन किसानों ने गेहूं की फसल की उनको प्रकृति की मार ने बर्बाद कर दिया है। किशनी क्षेत्र में रविवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि से करीब 60 से 70 प्रतिशत तक फसल खराब हो गई। पकने के बाद खेतों में कटने के लिए खड़ी फसल पूरी तरह से खराब हो गई। जिससे किसान पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। आलू की फसल करने वाले किसान पहले से ही बाजार में आलू के सही दाम नहीं मिल पाने के कारण आर्थिक नुकसान झेलने को मजबूर हैं। वहीं जो किसान गेहूं की खेती कर रहे हैं, उनको मौसम की मार ने बर्बाद कर दिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुसार रविवार शाम को कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश देखने को मिली। वहीं किशनी क्षेत्र के कई गांव में बारिश के साथ काफी मात्रा में ओले भी गिरे। इससे खेत में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। जिले में करीब 1032524 हेक्टेयर का गेहूं का रकबा है। इस समय खेत में गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार खड़ी है। करीब 10 से 15 प्रतिशत किसानों ने गेहूं काट लिया है। कई किसानों ने गेहूं काटकर खेत में ही रख लिया है। गेहूं पकने के बाद उन्हें काटने का समय शुरू हो गया था, लेकिन आंधी और बारिश की वजह से कई किसानों का गेहूं या तो गिर गया या फिर बारिश की वजह से उनकी बालियां काली पड़ कर खराब हो गईं। वहीं ओले गिरने की वजह से गेहूं पूरी तरह से बर्बाद हो गया। बता दें कि एक बीघा में फसल करने पर करीब तीन से चार कुंतल गेहूं का उत्पादन होता है। किसान को एक बीघा में करीब दो से ढाई हजार रुपये की लागत आती है। सरकारी क्रय केंद्र पर किसानों का गेहूं करीब 2585 रुपये में खरीदा जा रहा है। वहीं कई किसान निजी तौर पर अपने गेहूं को बाजार में बेचते हैं। बारिश और ओले की वजह से फसल खराब होने के चलते अब किसानों को फायदा तो क्या उनकी लागत भी नहीं मिल पाएगी।

फोटो 40 बारिश और ओले गिरने से खराब हुआ गेहूं दिखाता किसान। संवाद

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