फोटो 33 श्रीमद्भागवत कथा में बोलते आचार्य डॉ़ पंकज मिश्रा मयंक। स्रोत आयोजक
मैनपुरी। मोहल्ला गाड़ीवान स्थित श्री भीमसेन मंदिर के पावन धाम में श्रीमद्भागवत का आयोजन किया जा रहा है। कथा के तीसरे दिन आचार्य डॉ़ पंकज मिश्र मयंक ने कहा कि भगवान अपने भक्तों के कल्याण के लिए धरती पर अवतरित होते हैं। आचार्य ने बताया कि भगवान विष्णु का वामन अवतार, उनके दशावतारों में पांचवां और त्रेतायुग का पहला अवतार था, जो दैत्य राजा बलि के अहंकार को खत्म करने और देवताओं को उनका खोया स्वर्ग वापस दिलाने के लिए लिया गया था। इसमें वामन ने तीन पग में तीनों लोकों (पृथ्वी, स्वर्ग और मध्यलोक) को नापकर बलि को पाताल लोक भेजा था, यह अवतार धर्म की स्थापना और अहंकार के दमन का प्रतीक है। इससे पहले यजमान डॉ़ जितेंद्र सक्सेना और नीरजा सक्सेना ने आरती उतारी। इस दौरान आयोजक सिद्धार्थ सक्सेना, युग, कास्वी, दिव्या सक्सेना, अमन सक्सेना, साक्षी, पियूष भटनागर, अंजना सक्सेना, राजेश सक्सेना आदि मौजूद रहे।