कुरावली। गांव सलेमपुर से झिंगरपुर जाने वाले मार्ग पर सोमवार दोपहर बेर तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ी 13 वर्षीय किशोरी हाईटेंशन लाइन में उलझ गई। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। करीब एक घंटे तक शव लटका रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने विद्युत आपूर्ति बंद करवाने के बाद शव उतरवा कर मोर्चरी भेजा। हादसे के बाद मृतका के घर में मातम छाया है, परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।थाना क्षेत्र के गांव सलेमपुर के रहने वाले कैलाश कठेरिया की 13 वर्षीय पुत्री नेहा गांव स्थित प्राथमिकी विद्यालय में पांचवीं कक्षा की छात्रा थी। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे वह अपनी एक हमउम्र सहेली के साथ घर से करीब 500 मीटर दूर झिंगरपुर जाने वाले मार्ग पर पहुंची, वहां सड़क किनारे लगे पेड़ पर बेर तोड़ने के लिए चढ़ गई। नेहा को नहीं पता था कि पेड़ के बराबर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है, बेर तोड़ने के दौरान उसका हाथ हाईटेंशन लाइन से छू गया और वह तारों में उलझ गई। देखते ही देखते किशोरी ने दम तोड़ दिया, नीचे खड़ी सहेली डर की वजह से वहां से चली गई।मार्ग से गुजर रहे ग्रामीणों ने जब किशोरी का शव पेड़ पर देखा तो परिजन को जानकारी दी। जानकारी होने के बाद रोते बिलखते परिजन मौके पर आ गए। इस बीच वहां ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो चुकी थी। सूचना देने के बाद भी काफी देर तक विद्युत निगम का कोई कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा, करंट प्रवाहित होने के भय से कोई पेड़ पर चढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा सका। सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने लाइन कटवाई। जिसके बाद किशोरी के शव को नीचे उतारा गया। शव देखते ही परिजन में चीख पुकार मच गई। पुलिस ने शव मोर्चरी भेजा। हादसे वाली जगह पर हाईटेंशन लाइन काफी नीचे है, ग्रामीणों का कहना था कि विद्युत निगम के कर्मियों की लापरवाही से हादसा हुआ है। तार पेड़ को छूकर गुजर रहे हैं। पेड़ की छटाई कराई गई न हीं जर्जर तारों को ऊंचा किया गया, यदि दोनों में से एक भी काम किया गया होता तो यह हादसा नहीं होता, सूचना देने के बाद भी एक घंटे तक विद्युत निगम का कोई कर्मी मौके पर नहीं आया।
फोटो32 नेहा का फाइल फोटो