मैनपुरी।एक्सिस बैंक की स्टेशन रोड शाखा के प्रबंधक सहित तीन लोगों के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पीड़ित सीएससी केंद्र संचालक का आरोप है कि मिलीभगत कर उनके खाते से रुपये निकालने में शाखा प्रबंधक ने सहयोग किया है। मामला दर्ज करने के बाद कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।थाना बरनाहल क्षेत्र के गांव बहसी निवासी योगेश कुमार वर्तमान में शहर के रघुराजपुरी में रह रहे हैं, वह करहल रोड पर नैना डिजिटल सेवा केंद्र सीएससी के प्रोपराइटर हैं। बताया कि 20 जून 2024 को आलोक नाम का व्यक्ति सीएससी पर आया, उसने कहा कि वह मजबूरी में है, आप अपने क्यूआर पर 22 हजार रुपये डलवा कर मुझे दे दीजिए। मजबूरी समझ कर उन्होंने युवक की मदद की, तब आलोक ने किसी से उनके क्यूआर पर 22 हजार रुपये मंगाए। रुपये लेने के बाद वह चला गया। तीन जुलाई 2024 को जब वह खाते से रुपये निकालने गए तो पता चला कि उनके चालू खाते से 22100 रुपये गायब थे। जब एक्सिस बैंक के स्टेशन रोड शाखा प्रबंधक नितिन मोहिले से जानकारी ली तो कहा कि जानकारी आप तक आ जाएगी। जानकारी न मिलने पर पांच अगस्त को फिर से बैंक गए। तब शाखा प्रबंधक ने बताया कि थाना छाता मथुरा के रजनीश कुमार ने 26 जून 2024 को शिकायत की है। कहा है कि धोखे से उनका रुपया उनके खाते में चला गया है। उन्होंने शाखा प्रबंधक से शिकायतकर्ता का पता पूछा तो नहीं बताया। उक्त रजनीश और आलोक कुमार ने उनके साथ जालसाजी की है। इन लोगों ने शाखा प्रबंधक से मिली भगत कर 22 हजार रुपये की धोखाधड़ी की है। उनका माइनस भुगतान दिखाया जा रहा है। केस दर्ज कराने के लिए उन्होंने पुलिस से शिकायत की, मगर, उनकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। न्यायालय के आदेश पर बृहस्पतिवार को कोतवाली पुलिस ने शाखा प्रबंधक एक्सिस बैंक स्टेशन रोड शाखा नितिन मोहिले, रजनीश छाता मथुरा और आलोक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।