बेवर। आलू और सरसों की बोआई का सीजन शुरू होते ही डीएपी खाद की किल्लत देखने को मिल रही है। बारिश के बावजूद शुक्रवार सुबह से ही किसान खाद पाने के लिए कतारों में खड़े नजर आए। किसानों का कहना है कि आलू और सरसों की अगैती बोआई के लिए डीएपी बेहद जरूरी है। यदि समय पर खाद नहीं मिली तो बोआई पिछड़ जाएगी। इससे फसल की पैदावार और गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ेगा। मांग और आपूर्ति में अंतर के कारण वितरण केंद्रों पर अव्यवस्था का माहौल बन रहा है। कृभको केंद्र प्रभारी सचिन ने बताया कि केंद्र पर डीएपी की 600 बोरियां स्टाॅक में हैं। किसानों को आवश्यक दस्तावेज के आधार पर प्रति एकड़ दो से तीन बोरी खाद दी जा रही है। किसान महेंद्र सिंह, उमेश सिंह, युवराज सिंह, अमित, रामदास, शीलेंद्र कुमार ने अन्य केंद्रों पर भी खाद वितरण कराने की मांग की है।