मैनपुरी। थाना कोतवाली क्षेत्र में 27 जनवरी को जहर खाकर जान देने वाले संविदा परिचालक के भाई ने बुधवार को एसपी को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें कहा कि गाजियाबाद डिपो के दो टीआई ने उसके भाई की बस में आठ यात्री बिना टिकट होने बताए। इसके बाद दोनों टीआई ने 50 हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर नौकरी से निकलवाने की धमकी दी। परेशान होकर उनके भाई ने जहर खाकर जान दे दी। भाई ने दोनों टीआई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
थाना कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हंसनगर निवासी सुरजीत सिंह ने बुधवार को एसपी को प्रार्थना पत्र दिया है। इसमें कहा कि उनका भाई सुशील कुमार गाजियाबाद डिपो में संविदा परिचालक के पद पर कार्यरत था। 25 जनवरी को सुशील मैनपुरी से रोडवेज बस से गाजियाबाद जा रहा था। बुलंदशहर के समीप भूड़ चौराहा पर साहिबाबाद डिपो में तैनात दो टीआई ने बस रोक कर चेकिंग की। दोनों ने कहा कि वह आठ यात्रियों को बिना टिकट ले जा रहा है।
प्रार्थना पत्र में कहा कि जब सुशील ने बिना टिकट यात्री होने से मना किया तो दोनों टीआई ने नौकरी से निकलवाने की धमकी दी। कहा कि नौकरी बचाने के लिए 50 हजार रुपये उन्हें दो। सुशील ने गरीब बताकर इतने रुपये न देने की बात कही। दोनों ने काफी बेइज्जत किया। सुशील ने घर लौटकर यह बात उन्हें बताई। कहा कि वह अब जिंदा नहीं रहना चाहता। उन्होंने काफी समझाया। मौका पाकर 27 जनवरी को सुशील ने जहर खा लिया। वह लोग जिला अस्पताल ले गए। वहां से चिकित्सकों ने सैफई अस्पताल रेफर कर दिया। सैफई में इलाज के दौरान सुशील की मौत हो गई। सुरजीत ने रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की है।