गांव नगला मोती में रिश्तेदारी में आए युवक ने पत्नी से हुए विवाद के बाद अपने पांच वर्षीय पुत्र को जमीन पर पटक कर मार डाला। बुधवार देर रात उसने इस घटना को पत्नी और अन्य ग्रामीणों के सामने अंजाम दिया। शराब के नशे में बताए जा रहे आरोपी ने पुत्र की हत्या के बाद छह साल की पुत्री की भी हत्या करनी चाही, लेकिन मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बच्ची को उसके हाथ से छीन लिया। पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
फीरोजाबाद के गांव पहाड़पुर निवासी होशियार सिंह बुधवार को थाना क्षेत्र के गांव नगला मोती में साढ़ू के घर आयोजित तिलक समारोह में शामिल होने आया था। उसके साथ पत्नी ललिता देवी और चार बच्चे सुहारती (06), पवन (05) आरुषि (04) और टीना छह माह भी साथ आए थे। रात समारोह की तैयारी चल रही थीं। तभी किसी बात को लेकर होशियार और उसकी पत्नी के बीच कहासुनी हो गई। गुस्से में आरोपी पुत्री सुहारती और पुत्र पवन को साथ लेकर घर से निकल गया। जानकारी होने पर पत्नी गांव निवासी शनजेश और रमन कुमार की बाइक से उसे ढूंढने निकल पड़ी। हाजीपुर खेड़ा मोड़ प्राथमिक विद्यालय अहमदपुर के पास रात करीब 11:30 बजे होशियार सिंह दिखाई दिया। पत्नी पास पहुंचती उससे पहले ही होशियार ने कंधे पर बैठे पवन को सड़क पर पटकना शुरू कर दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसी बीच अन्य ग्रामीण भी आ गए, लेकिन शराब के नशे में धुत होशियार ने किसी की परवाह नहीं की। पवन को मारने के बाद उसने पुत्री सुहारती को भी मारने की कोशिश की, लेकिन उसे बचा लिया। इस दौरान काफी देर तक ग्रामीणों और आरोपी के बीच हाथापाई भी हुई। हालांकि ग्रामीण बालक को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके पर मौजूद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पोस्टमार्टम हाउस पर बदले पत्नी के सुर
मैनपुरी। गुरुवार को पांच वर्षीय पवन के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। वहां मौजूद मां हत्या की तहरीर देने के बाद पूरे मामले को लेकर कुछ अलग ही बयानबाजी करने लगी। उसका कहना था कि कुछ बदमाशों ने लूट के इरादे से पति पर हमला किया था। इस दौरान बच्चा कंधे से गिर गया। जिससे उसकी मौत हो गई।
बदमाश और लूट की कहानी पूरी तरह से झूठी है। घटना के समय पत्नी और अन्य ग्रामीण मौजूद थे। आरोपी ने ही पुत्र की जमीन पर पटक कर हत्या की है। पत्नी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा जा रहा है।
- दिवाकर सिंह यादव, थानाध्यक्ष औंछा