मैनपुरी/कुसमरा। गांव चतुरीपुर में बुधवार को तालाब से अतिक्रमण हटवाने गए एसडीएम और पुलिस फोर्स पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। जान बचाने के लिए उन्हें वहां से भागना पड़ा। पथराव से अतिक्रमण हटाने लाई गई जेसीबी भी क्षतिग्रस्त हो गई। बाद में अधिकारियों ने भारी फोर्स के साथ दबिश दी तो गांव के पुरुष घर छोड़कर भाग गए।
गांव चतुरीपुर में तालाब पर अतिक्रमण की शिकायत कुछ लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से की थी। उनका आरोप था कि गांव के ही रामनाथ, दीनदयाल, दर्शन लाल ने करीब 12 साल पहले तालाब की जमीन पर मकान बना लिया। इस बारे में एसडीएम किशनी की कोर्ट में मुकदमा भी चला। गत दिनों एसडीएम ने उक्त मकान तोड़ने के आदेश जारी कर दिए। बुधवार की दोपहर एसडीएम किशनी सुरेश कुमार सोनी, तहसीलदार राकेश सोनी, कानूनगो मयंक गोयल, राजस्व निरीक्षक ब्रजेश कठेरिया, लेखपाल रामगोपाल व साबिर हुसैन एवं थाना किशनी पुलिस के साथ अतिक्रमण हटवाने पहुंचे। उनके साथ जेसीबी भी थी। अधिकारियों के निर्देश पर जैसे ही जेसीबी ने निर्माण तोड़ना शुरू किया ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। इससे जेसीबी क्षतिग्रस्त हो गई। भारी पथराव से बचने के लिए पुलिस और प्रशानिक टीम के लोगों को भागना पड़ा। ग्रामीणों ने इन्हें गांव के बाहर तक दौड़ाया। पत्थर लगने से एक सिपाही को चोट भी आई।
इसके कुछ ही देर बाद अधिकारियों ने और अधिक फोर्स बुलाकर गांव में दबिश दी। तब गांव के पुरुष घर छोड़कर भाग गए। एसडीएम सदर का कहना है कि पुलिस टीम पर पथराव करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। देरशाम लेखपाल ब्रजेश कुमार ने गांव के प्रमोद कुमार, विनोद कुमार, लक्ष्मण सिंह, सुमित, अनुज, अतुल, इंद्रेश, दर्शनलाल के खिलाफ बलवा, जान से मारने की कोशिश व सरकारी कार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।