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गांव गग्गरवाला में पुलिस फोर्स तैनात

Fri, 04 Dec 2015 10:17 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
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गांव गग्गरवाला में पीआरडी जवान रामवीर की हत्या के बाद शुक्रवार को पुलिस फोर्स तैनात रही। इस मामले में मृतक के भाई ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट कराई है।
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रामवीर के भाई कैलाश ने थाने पर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में यशपाल सिंह उर्फ दीपू, सोनू, रामसेवक व अनुज उर्फ फक्कड़िया निवासी दिखतमई को नाजमद किया गया है। आरोप है कि नामजद आरोपियों ने गांव के
तिराहे पर रामवीर को पीटा, कैलाश उसे बचाकर घर ले गया तो आरोपी वहां भी पहुंच गए और फायरिंग कर दी।

फायरिंग में रामवीर की मौत हो गई और कैलाश के भी हाथ में गोली लगी है। सूचना पर क्षेत्राधिकारी तेजपाल सिंह, समेत भोगांव, एलाऊ, किशनी, बेवर की पुलिस मौके पर पहुंच गई। घटना से गुस्साए ग्रामीणों और परिवारीजनों ने शव को उठने नहीं दिया। काफी समझाने के बाद गुरुवार रात करीब 11 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मौके पर डॉग स्क्वाड लेकर पहुंची टीम ने भी आरोपियों की तलाश के लिए छानबीन की है। रात में ही पुलिस अधीक्षक राकेश शंकर मौके पर पहुंचे।
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उन्होंने अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कीं। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में गठित की गई टीमों ने कई स्थानों पर दबिश दी लेकिन कोई आरोपी पकड़ में नहीं आया है।

बताया जा रहा है कि यशपाल उर्फ दीपू ने गांव से प्रधान का चुनाव लड़ा,  पूर्व प्रधान रामस्वरूप यादव के  पुत्र अजेंद्र यादव चुनाव में प्रत्याशी रहे हैं। रामवीर यादव ने चुनाव में अजेंद्र यादव का समर्थन किया था। दीपू ने गुरुवार को ग्राम प्रधान प्रत्याशी अजेंद्र यादव समर्थक धर्मेंद्र बाथम, छोटेलाल वारी, पिंटू को पकड़कर तिराहे पर लाकर पीटना शुरू कर दिया। रामवीर ने विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। इसके बाद आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी। ग्रामीणों के अनुसार गांव में देर रात हुए विवाद में लगभग सौ राउंड गोलियां चलीं।

अनुज का है आपराधिक इतिहास
हत्या के मामले में नामजद अनुज उर्फ फक्कड़िया हिस्ट्रीशीटर है। उसके ऊपर बेवर, छिबरामऊ, हरदोई, मेरापुर, फर्रुखाबाद में लूट, हत्या, जानलेवा हमला, आर्म्स एक्ट, गैंगेस्टर, डकैती और अन्य वारदातों के लगभग एक दर्जन मामले दर्ज हैं। वर्ष 2008 से वह निरंतर वारदातों को अंजाम दे रहा है।

यशपाल उर्फ दीपू और सोनू भी वांछित
हत्या में नामजद यशपाल उर्फ दीपू ने 15 अगस्त 2013 को गांव की ही शीला की गोली मार कर हत्या कर दी थी। इसमें मृतक शीला का भाई धर्मेंद्र और सतेंद्र गोली लगने से घायल हुए थे। घटना की रिपोर्ट गांव के ही अशोक, दीपू उर्फ यशपाल, सोनू , डगरू उर्फ अभिषेक, नरेंद्र सिंह और पुष्पेंद्र उर्फ प्रवेंद्र निवासी चंदपुर थाना भोगांव आदि के खिलाफ मृतका के भाई सतेंद्र ने लिखाई थी।

जनवरी 14 में घटना में अभियुक्त नरेंद्र और अशोक की नामजदगी झूठी पाई गई, शेष सभी आरोपी हाईकोर्ट से जमानत पर हैं। इसके बाद अब दीपू उर्फ यशपाल ने प्रधानी का चुनाव लड़ा है। इसके अलावा अन्य थानों में भी दीपू के खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं। अभियुक्त रामसेवक पर भी थाना बेवर में वर्ष 2004 में जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज है।
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