आठ साल पहले पानी के विवाद में हत्या करने के आरोपी पिता सहित दो पुत्रों को स्पेशल जज ईसी एक्ट रामसुचित ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उनको 30 हजार का जुर्माना देना पड़ेगा।
थाना किशनी के चतुरीपुर निवासी धीरेंद्र सिंह अपने भाई वीरेंद्र उर्फ जितेंद्र, पिता महादेव सिंह, मां पुष्पादेवी के साथ 19 फरवरी 2008 को मंदिर के पीछे खेत की सिंचाई करने के लिए पाइप डाल रहे थे। दोपहर एक बजे गांव के राजवीर उर्फ अशोक, रामवीर उर्फ पप्पू, योगेश अपने पिता ओमप्रकाश के साथ वहां आए और फायरिंग कर दी। फायरिंग से महादेव, वीरेंद्र, पुष्पा घायल हो गए। घटना की रिपोर्ट धीरेंद्र ने चारों के खिलाफ थाना किशनी में दर्ज कराई। महादेव की उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने राजवीर, रामवीर, ओमप्रकाश के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। मामले की सुनवाई के दौरान वादी, घायल, विवेचक, चिकित्सक सहित सभी गवाहों ने घटना के समर्थन में गवाही दी। जज ने आरोपियों को आजीवन कारावास सुनाई है।
जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
मैनपुरी। महादेव की हत्या के आरोपी राजवीर, रामवीर, ओमप्रकाश ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। राजवीर की जमानत किसी कोर्ट से मंजूर नहीं हुई। रामवीर और ओमप्रकाश की जमानत मंजूर हुई। रामवीर और ओमप्रकाश ने जमानत के बाद घर पर रहकर मुकदमा लड़ा। जबकि राजवीर को पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। मंगलवार को भी वह जेल से ही निर्णय सुनने कोर्ट में आया था। निर्णय के बाद तीनों पिता पुत्र एक साथ जेल भेज दिए गए।