ग्राम मनौना में शनिवार की दोपहर दलित महिला की हत्या करने वाले आरोपी 24 घंटे बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। रविवार की सुबह मृतका सरला का गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं, आरोपियों के घरों के बाहर जानवर 24 घंटे से भूखे प्यासे बंधे हैं।
ज्योंति के निकटवर्ती मनौना में शनिवार की दोपहर दलित महिला सरला की हत्या के समय उनका पुत्र राहुल भी मौके पर था। गांव की शिखा और उसकी मौसी से डेढ़ साल पहले खरीदी गई जमीन का शिखा की बहन पूनम तोमर बहनोई जितेंद्र तोमर ने विरोध किया था। पूनम तोमर, जितेंद्र तोमर, नत्थू शाक्य, देशपाल, भूरा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। शनिवार की रात शव गांव पहुंचा तो दलित समाज के तमाम लोग सरला के घर पर जमा हो गए। रविवार की सुबह सरला के पति रमेशचंद्र भी गांव पहुंच गए। तब सरला का अंतिम संस्कार किया गया।
हत्या के बाद से ही आरोपी घरों के ताले बंद कर भाग गए हैं। उनके घरों के बाहर 24 घंटे से जानवर भूखे प्यासे बंधे हुए हैं। पुलिस के डर से गांव वाले जानवरों को चारा खिलाना तो दूर पानी तक नहीं पिला रहे हैं। पुलिस ने रात में ही आरोपियों के घरों पर पहुंचकर घर के बाहर लगी चारा मशीन, इंजन, छप्पर को तोड़ दिया। हत्या के बाद से ही गांव में तैनात की गई पुलिस ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा का अहसास दिलाने के लिए गांव की गलियों में गश्त किया। रविवार को अंतिम संस्कार के समय भी पुलिस मौजूद रही।