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हादसे में पति की मौत सुनकर पत्नी ने की आत्महत्या

Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User ब्यूरो,अमर उजाला मैनपुरी
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मैनपुरी। थाना बेवर क्षेत्र में गुरुवार सुबह कुर्सियों से भरी डीसीएम अनियंत्रित होकर यात्री प्रतीक्षालय से टकरा गई। टक्कर से चालक की मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने चालक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया है। वहीं फोन पर पति की मौत की खबर सुनकर बकेवर में पत्नी ने जहर खा लिया। कानपुर के अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
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बकेवर थाना क्षेत्र के पधारा गांव निवासी  निवासी राजेश (45) पुत्र ननकू सिंह डीसीएम (यूपी70/डीटी5048) से गाजियाबाद से कुर्सी लेकर वाराणसी जा रहे थे। गुरुवार की सुबह छह बजे के लगभग जब डीसीएम थाना बेवर क्षेत्र में जीटी रोड पर करपिया मोड़ के समीप पहुंची तभी वहां बने यात्री प्रतीक्षालय से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चालक की मौके पर ही मौत हो गई।
मौके पर राहगीर और ग्रामीण एकत्रित हो गए। सूचना पर थाना बेवर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने क्लीनर से मिली जानकारी के आधार पर राजेश की मौत की सूचना गांव पधारा में परिवारीजनों को भी दे दी। चालक राजेश की मौके की खबर सुनकर उसकी पत्नी विजयलक्ष्मी ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत खराब होने पर विजयलक्ष्मी को परिजन औंग कस्बे के प्राइवेट अस्पताल ले गए। हालत चिंताजनक देख उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसकी भी मौत हो गई। दंपति की हुई मौत पर गांव में कोहराम मच गया मृतक के भाई उग्रसेन, राकेश, पिता अमर सिंह बदहवास हो गए। तभी ग्रामीण इकट्ठा हुए और उनकी मदद में जुट गए। दर्जनों ग्रामीण कानपुर व मैनपुरी पोस्टमार्टम के बाद शवों को गांव लाने के लिए पहुंच गए।
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बच्चे हुए अनाथ, गांव में कोहराम
बकेवर(फतेहपुर)। पधारा गांव में हुई हृदय विदारक घटना से हर कोई सहम गया। एक झटके में चार बच्चों के सिर से मां-बाप का साया छिन गया। दो बेटे और दो बेटियों में सबसे छोटी सात साल की प्रिया तो कुछ समझ ही नहीं पा रही थी कि आखिर कितनी बड़ा पहाड़ उसके और भाई बहनों पर टूटा है। मृतक दंपति का सबसे बड़ा बेटा सुमित सिंह इसी साल बकेवर के जानकी इंटर कॉलेज से इंटर की परीक्षा पास कर दिल्ली अपने मामा के पास गया था और वहीं से बीएससी प्रथम वर्ष में पढ़ाई कर रहा था। उससे छोटी बेटी पूजा कक्षा नौ की छात्रा है। वह भी बकेवर के जानकारी इंटर कॉलेज में पढ़ती है। उससे छोटा बेटा शिवांग गांव के स्कूल में कक्षा छह और सबसे छोटी बेटी प्रिया गांव में कक्षा दो में पढ़ती है। इस हादसे के बाद बड़े भाई बहनों और परिवारीजनों को देखकर वह भी रो रही है और फिर चुप हो जाती है। परिवारीजनों और रिश्तेदारों को ढांढस बंधाने के लिए गांव उमड़ पड़ा है।
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