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गुड्डा का भाई रामवीर भी है शातिर गैंगेस्टर

Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
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मैनपुरी। इंद्रबाबू यादव उर्फ गुड्डा का भाई रामवीर भी शातिर अपराधी है और इस समय बरेली जेल में बंद है। दोनों भाईयों का गैंग पुलिस के लिए लंबे समय तक चुनौती बना रहा। इंद्रबाबू उर्फ गुड्डा पर 13 तो रामवीर पर 12 मामले फीरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़ मुरादाबाद, बरेली, बदायूं और हरदोई आदि जिलों में दर्ज हैं।
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थाना किशनी के  ग्राम बघौनी निवासी इंद्रबाबू यादव उर्फ गुड्डा पर बरेली के सुभाष नगर से इनोवा गाड़ी किराए पर लेने और उसके चालक किशनी क्षेत्र में तरिहा नहर पुल चालक सोनू उर्फ राकेश कश्यप निवासी अशोक नगर बरेली की हत्या कर गाड़ी लूटने का मामला दर्ज हुआ था। इसी मामले में स्थानीय जेल में वह निरुद्ध था। इसके खिलाफ सबसे अधिक मामले फीरोजाबाद जिले में दर्ज किए गए थे। फीरोजाबाद जिले के थाना मटसेना में उसके खिलाफ लूट, जानलेवा हमले, गैंगेस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और फर्जी अभिलेख तैयार करने के पांच मामले दर्ज हैं। मुरादाबाद कोतवाली और थाना कटहार में डकैती और हत्या एवं लूट के दो मामले दर्ज हैं। बदायूं के थाना सिविल लाइन में अपहरण के बाद हत्या व चोरी के दो मामले, हरदोई कोतवाली में दो मामले लूट के और अलीगढ़ के थाना बन्नादेवी में अपहरण के बाद हत्या का मामला दर्ज है। इंद्रबाबू के खिलाफ यह सभी मामले वर्ष 2012 और 2013 में दर्ज किए गए थे। दर्ज सभी मामलों में न्यायालयों में ट्रायल चल रहा है। इंद्रबाबू को अब तक किसी न्यायालय द्वारा सजा नहीं हुई थी। इंद्रबाबू का बड़ा भाई रामवीर यादव भी अपराधी है। रामवीर जीआरपी में तैनात था लेकिन आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के बाद जेल जाने पर उसे बर्खास्त कर दिया गया था। रामवीर यादव के खिलाफ भी कई जिलों में एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। इन दिनों वह बरेली जेल में निरुद्ध है।

जेल दी जा रही थी हत्या की धमकी
गुड्डा की पत्नी ने लगाया जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप
 इंद्रबाबू उर्फ गुड्डा की मौत के बाद परिवार के लोग जेल प्रशासन पर हत्या कर शव को फंदे में लटकाने का आरोप लगा रहे हैं। पत्नी नीरज देवी का आरोप है कि जेल में उसके पति को जान से मारने की धमकियां दी जा रहीं थीं। दो दिन पूर्व ही उसके पति ने सूचना भिजवाई थी कि उसे जेल में मारने की धमकियां दी जा रहीं हैं। उसने जल्द बच्चों के साथ जेल आकर मिलने की खबर भिजवाई थी और कहा था कि जेल में कभी भी उसकी हत्या की जा सकती है। जेल के मुख्य गेट के बाहर शव रखकर प्रदर्शन करने के दौरान नीरज देवी ने जेल अधिकारियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। इंद्रबाबू के दो पुत्रियां और एक पुत्र है। पत्नी नीरज देवी का कहना था कि अब उसके परिवार का भरण पोषण कैसे होगा।
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पिता ने जमीन कर दी थी बहू के नाम
इंद्रबाबू के पिता सीताराम सिंह यादव ने इंद्रबाबू की आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए उसके हिस्से की 10 बीघा जमीन पत्नी नीरज देवी के नाम कर दी थी। ताकि उसकी पत्नी अपना और बच्चों को भरण पोषण कर सके। इंद्रबाबू के पिता और मां का निधन हो चुका है।
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