तीन साल पहले प्रधान संघ के अध्यक्ष की मनरेगा योजना में सड़क डलवाने के दौरान की गई हत्या में पिता पुत्र सहित चार को अपर जिला जज ने दोषी पाया है। एक हत्यारोपी को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त घोषित कर दिया गया है। आरोपियों को 27 अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी।
थाना औंछा के ग्राम दत्तपुर निवासी हरिश्चंद्र यादव ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष थे। वर्ष 2013 में 19 अगस्त की सुबह वह अपने पुत्र रवि तथा भाई श्रीचंद्र के साथ गांव के बाहर मनरेगा योजना के तहत दत्तपुर से ईकरी को जोड़ने वाली सड़क पर मजदूरों से काम कराने के लिए गए थे। तभी वहां पहुंचे ईकरी निवासी कन्हैया, उसके पिता सुनील, समीर उर्फ गुटइयां, संदीप, बालकिशन ने उनको सड़क डलवाने से रोका। सरकारी योजना का काम होने की बात कहने पर सभी ने उनकी फावड़ा से काटकर हत्या कर दी। रवि ने पांचों के खिलाफ थाना औंछा में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने विवेचना के दौरान पांचों को दोषी पाकर चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। शासन के निर्देश पर मामले की पैरवी के लिए सहायक शासकीय अधिवक्ता सुभाष चंद्र यादव को निर्देश दिए गए। पुलिस ने आरोपियों को बंदी बनाकर जेल भेज दिया।
मामले की सुनवाई अपर जिला जज प्रथम गुरुप्रीत सिंह बाबा के न्यायालय में की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सुभाष चंद्र यादव ने तथा मृतक पक्ष की ओर से जतन सिंह यादव ने मुकदमे की पैरवी की। घटना के समर्थन में अभियोजन की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित मौके के गवाहों ने घटना के समर्थन में गवाही दी। अपर जिला जज ने गवाही के आधार पर कन्हैया, सुनील, समीर उर्फ गुटइयां, संदीप को हत्या का दोषी पाया। बालकिशन को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त घोषित कर दिया गया है। आरोपियों को 27 अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी।