कस्बा घिरोर में डेढ़ माह पूर्व हुई व्यापारी नेता की हत्या का पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस हत्याकांड का मास्टर माइंड सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अभी भी फरार हैं। मास्टर माइंड ने हत्या की योजना लेनदेन के विवाद में व्यापारी के पांच अन्य कर्जदारों के साथ मिलकर बनाई थी।
प्रभारी एसपी दिगंबर कुशवाह ने प्रेसवार्ता में घटना का खुलासा करते हुए बताया कि थाना क्षेत्र के मोहल्ला डालगंज निवासी व्यापार मंडल के अध्यक्ष सीताराम गुप्ता की तीन सितंबर की रात घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद से ही पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में लगी थी।
सोमवार को थाना पुलिस के खुलासे में जो सच्चाई सामने आई है उसके मुताबिक मृतक व्यापारी लोगों को ब्याज पर रुपये देने का काम करते थे। उन्होंने गांव गुलाबपुर निवासी रामरईस को करीब 20 लाख रुपये का कर्ज दे रखा था। घटना से कुछ दिन पहले रुपये के लेनदेन को लेकर उनका विवाद भी हुआ था।
रामरईस ने ही 20 लाख रुपये न लौटाने के लिए गांव के ही धर्मेंद्र, अजय पाल, संदीप, कुलदीप और सरोजनी देवी पत्नी रामपाल के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। उक्त सभी आरोपियों पर भी व्यापारी के हजारों रुपये बकाया थे।
योजना के तहत तीन सितंबर को रामरईस सीताराम गुप्ता के घर पहुंचा उनके सोने के बाद अन्य साथियों को फोन कर वहां बुला लिया। सोते समय ही गला दबाकर व्यापारी की हत्या कर दी। रविवार को पुलिस ने मास्टर माइंड रामरईस, धर्मेंद्र, अजयपाल और सरोजनी देवी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सभी ने जुर्म कबूल किया। इसके बाद पुलिस ने चारों को जेल भेजा। पुलिस हत्याकांड में शामिल संदीप और कुलदीप की तलाश कर रही है।
एक मोबाइल काल ने खोला हत्या का राज
मैनपुरी। व्यापारी की हत्या से पूर्व रामरईस और साथियों ने गैर जिले से दो सिम और मोबाइल खरीदे थे। हत्या की योजना इन दो फोन पर ही बनाई गई। गलती से किसी साथी ने हत्या के बाद मृतक व्यापारी के मोबाइल पर काल कर दी। घटना के खुलासे में लगी पुलिस ने उक्त नंबर को ड्रेस कर लिया और उसी की लोकेशन के आधार पर हत्यारोपियों तक पहुंच गई।
दो माह पूर्व रची गई थी हत्या की साजिश
घिरोर। व्यापारी नेता की हत्या की योजना दो माह पूर्व रची गई थी। सीताराम की हत्या करने वाला मुख्य आरोपी रामरईस उनके बेहद करीब था। करीब 22 लाख की भूमि उन्हाेंने उसके नाम करा दी थी। नकद में काफी उधारी उस पर चल रही थी। घटना को अंजाम देने से दो माह पूर्व दो फर्जी सिम और मोबाइल खरीदे गए। इनकी व्यवस्था गांव गुलाबपुर निवासी एक झोेलाछाप कुलदीप ने की थी। आरोपी महिला को दिन में तीन बजे ही घर में दूसरा मोबाइल देकर छिपा दिया था। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी ओमनी कार से भाग गए थे।