पीड़ित की शिकायत लेकर थाने पहुंचे दलित भाजपा नेता की थाने में पिटाई किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने उनको थाने में बंद करके मोबाइल भी छीन लिए। सीओ कुरावली की जांच के बाद एसपी ने दरोगा तथा एक सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया है। पूरे मामले की जांच एएसपी को सौंपी है।
थाना औंछा के अकबरपुर निवासी सतीश जाटव तथा जयपाल सिंह कठेरिया के बीच रविवार की दोपहर नाली के पानी को लेकर विवाद हुआ। सूचना मिलने पर गांव पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई। बताते हैं कि बाद में जयपाल पक्ष की ओर से भाजपा नेता संदीप कठेरिया थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस पर जयपाल पक्ष को झूठा फंसाने का आरोप लगाते हुए जयपाल पक्ष की ओर से तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर पर जांच करने के बाद कार्रवाई किए जाने की बात कही तो संदीप का थाने के दरोगा सियाराम गौतम तथा सिपाही अरविंद से विवाद हो गया।
पीड़ित संदीप ने रविवार की शाम नगर के एक होटल में पत्रकार वार्ता कर आरोप लगाया कि थाना औंछा के एक दरोगा और सिपाही ने उनको थाने में बंद करकेे उनकी पिटाई की। गालियां देकर अपमानित करते हुए मोबाइल भी छीन लिए। वह मुख्यमंत्री से थाना औंछा पुलिस की शिकायत करेंगे। पुलिस का कहना है शांति भंग करने के आरोप में सतीश तथा जयपाल पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। संदीप पुलिस पर एक पक्षीय कार्रवाई करने का दबाव बना रहे थे। एसपी सुनील कुमार सक्सेना ने बताया कि शिकायत की जांच सीओ कुरावली से कराई गई। सीओ शमशेर सिंह की रिपोर्ट के बाद दरोगा सियाराम गौतम तथा सिपाही अरविंद को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच एएसपी शिष्यपाल को सौंपी गई है।