तीन साल पहले 11 साल की बालिका के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के आरोपी को अपर जिला जज चतुर्थ आनंद कुमार यादव ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
थाना एलाऊ के एक गांव निवासी 11 साल की बालिका एक जून 2013 की सायं घर से गांव के ही शिवमंगल उर्फ बच्चा (28) के घर पर खीरा लेेने गई थी। शिवमंगल उसको खीरा देने के बहाने खेत पर ले गया। जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। पहचाने जाने के डर से उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद आरोपी भाग गया। जब बालिका घर नहीं लौटी तो परिवार वालों ने तलाश किया। इस दौरान गांव के ही मोहरपाल, रामदत्त ने बालिका को शिवमंगल के साथ खेतों की ओर जाने की बात बताई। इस पर पिता ने शिवमंगल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने दूसरे दिन खेत से बालिका का शव बरामद कर लिया। वहीं आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। थानाध्यक्ष एलाऊ ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मामले की सुनवाई अपर जिला जज चतुर्थ आनंद कुमार यादव की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित छह गवाहों ने गवाही दी। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए सहायक शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शाक्य ने आरोपी के अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। जबकि बचाव पक्ष के वकील ने आरोपी के युवा होने, परिवार की खर्चा चलाने की दलील देते हुए आरोपी को प्रथम अपराधी होने के कारण कम सजा की गुहार लगाई। अपर जिला जज ने दुष्कर्म, पोस्को एक्ट, हत्या के मामले में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
बालिका के पिता को मिलेगा 50 हजार रुपया
मैनपुरी। अपर जिला जज ने निर्णय में लिखा है कि बालिका के पिता को आरोपी शिवमंगल प्रतिकर के रूप में 50 हजार रुपया देगा। अगर आरोपी रुपया नहीं देता है तो उसके स्वामित्व वाली संपत्ति से राजस्व वसूली की तरह यह रुपया वसूला जाएगा। अगर शासन से पूर्व में प्रतिकर मिल चुका है तो बालिका के पिता को यह रुपया शासन को लौटाना पड़ेगा।
जेल में रहकर ही लड़ा पूरा मुकदमा
मैनपुरी। आरोपी शिवमंगल को तत्कालीन थानाध्यक्ष अमित यादव ने पकड़कर तीन जून को कोर्ट में पेश किया था। शिवमंगल ने जमानत पाने के लिए कोर्ट में आवेदन किया, लेकिन उसकी जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको जेल में रहकर ही पूरा मुकदमा लड़ना पड़ा। शुक्रवार को भी वह जेल से ही निर्णय सुनने के बाद कोर्ट आया था। उसके परिवार के लोग भी गांव से आए थे।