28 जुलाई को मृतक श्रीराम के परिजन मिश्रीलाल धानुक ने प्रेमचंद्र पुत्र सालिगराम, रामसनेही उर्फ कलुआ पुत्र गजराज निवासीगढ़ मोहनपुर कोतवाली मैनपुरी, श्रीकिशन पुत्र चोखेलाल निवासी ग्राम नगला पैंठ, विजई पुत्र गोवर्धन निवासी ग्राम मटेना थाना बेवर के खिलाफ मुकदमा लिखाया था। कोर्ट ने 27 जुलाई 1977 को श्रीकृष्ण और उसके साथियों को जेल भेज दिया। 1979 में सेशन कोर्ट ने श्रीकृष्ण को मुख्य आरोपी मानते हुए 20 वर्ष की सजा सुनाई गई। श्रीकृष्ण ने हाईकोर्ट में अपील की। इसमें कोर्ट से उसे पैरोल मिल गई।
इसके बाद अभियुक्त गांव से परिवार समेत भाग गया। कोर्ट में तारीखों पर वह नहीं पहुंचा तो वांरट जारी किए गए। तमाम प्रयासों के बाद भी पुलिस उसे नहीं पकड़ पाई। शनिवार को थाना पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि उक्त आरोपी मैनपुरी जनपद में है। इस पर कोतवाली थाना क्षेत्र ईशन नदी के पुल के समीप वाहन का इंतजार करते समय श्रीकृष्ण को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
वारंटी जेल भेजा
थाना बेवर के ग्राम जोत निवासी प्रमोद कुमार को न्यायालय द्वारा जारी वारंट के आधार पर हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।