उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या के दोषी दो सगे भाइयों सहित तीन को दस-दस वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा घोषित के बाद दोषियों को जेल भेज दिया गया। इन्होंने 25 वर्ष पहले लाठी से पीट-पीटकर युवक को मार डाला था।
मामला बिछवां थाना क्षेत्र के जगतपुर गांव का है। दरअसल, एटा जिला के अलीगंज निवासी धन सिंह 30 अप्रैल 1998 को एक दावत में शामिल होने के लिए जगतपुर गांव आए थे। यहां शाम 5.30 बजे दावत से लौटते समय गांव के ही कमल सिंह ने अपने भाई श्रीकृष्ण, छोटे सिंह, चचेरे भाई पिंकू सिंह के साथ उन पर हमला बोल दिया। लाठी से पीट-पीटकर धन सिंह की हत्या कर दी।
पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट
मामले में मृतक के भाई रन सिंह ने चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच करके चारों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमा की सुनवाई अपर जिला जज प्रथम मुनव्वर जहां की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, किशोरी सहित गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी।
गैर इरादतन हत्या के पाए गए दोषी
गवाही तथा एडीजीसी पुष्पेंद्र दुबे, विपिन कुमार चतुर्वेदी की दलीलों के आधार पर श्रीकृष्ण, छोटेसिंह, पिंकू सिंह को धनसिंह की गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया गया। तीनों को दस-दस साल की सजा सुनाकर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। धन सिंह की हत्या करने के एक आरोपी कमल सिंह की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है।