उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में दो साल पहले घर के बाहर खेल रही बालिका के साथ छेड़छाड़ करने वाले को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट जितेंद्र मिश्रा ने पांच साल की सजा सुनाई है। उस पर तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
घटना औंछा थाना क्षेत्र के एक गांव की है। गांव की रहने वाली एक छह साल की बालिका 11 अगस्त 2021 की शाम चार बजे अपने घर के बाहर खेल रही थी। वहां मौजूद उमेश कठेरिया निवासी नगला कंचन थाना औंछा ने उसके साथ छेड़छाड़ की। बालिका के शोर मचाने पर उमेश मौके से भाग गया। बालिका के पिता ने उमेश के खिलाफ छेड़छाड़ करने और पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच करके उमेश के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेजकर उसको जेल भेज दिया।
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मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट जितेंद्र मिश्रा की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, बालिका सहित गवाहों ने उमेश केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर उमेश को बालिका के साथ छेड़छाड़ करने का दोषी पाया गया। विशेष लोक अभियोजक शैलेंद्री राजपूत ने उमेश को कड़ी सजा देने की दलील दी। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट जितेंद्र मिश्रा ने उमेश को पांच साल की सजा सुनाकर तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
बालिका की गवाही पर हुई सजा
पीड़ित बालिका ने अदालत में आरोपी उमेश की पहचान की। उसने अदालत में दी गई गवाही में बताया कि वह घर के बाहर खेल रही थी। तभी उमेश ने उसके साथ छेड़छाड़ की। जब वह चिल्लाई तो उमेश वहां से भाग गया। बालिका की गवाही पर उमेश को सजा सुनाई गई है।
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जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
उमेश को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। मंगलवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से ही अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।