मैनपुरी। स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने किशोरी के साथ छेड़छाड़, ब्लैकमेल और दुष्कर्म के मामले में मंगलवार को फैसला सुनाया है। अदालत ने रामशरन उर्फ टिल्लू को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। 1.02 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सह-अभियुक्त राखी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। थाना करहल क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति ने 31 मई 2024 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया कि नाबालिग पुत्री के साथ छेड़छाड़ की और धोखे से उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। इसके बाद आपत्तिजनक वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया गया। विरोध करने और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। पॉक्सो अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद विवेचक ने जांच की। विवेचक ने अदालत में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए। न्यायालय में पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, वैज्ञानिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने रामशरन उर्फ टिल्लू को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई। स्पेशल जज पॉक्सो कोर्ट जहेंद्र पाल सिंह ने रामशरन को दोषी पाया, उसे 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोषी को जेल भेज दिया गया है।