फोटो 10 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय भोगांव। संवाद
मैनपुरी। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (उच्चीकृत) भोगांव में कक्षा नौ में प्रवेश लेने के बाद 30 छात्राएं घर पर बैठी हुई हैं। आठ माह बाद भी उन्हें स्कूल नहीं बुलाया गया है। उनकी कक्षाएं अब तक शुरू नहीं हो सकी हैं। शासन के निर्देश पर प्रदेश भर में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को उच्चीकृत किया जा रहा है। इनमें अब तक कक्षा नौ से 12 तक निशुल्क शिक्षा आवासीय व्यवस्था के साथ दिलाने की तैयारी है। शिक्षा सत्र 2025-26 के लिए भोगांव स्थित विद्यालय का संचालन हुआ है। शासन के निर्देश पर यहां वर्तमान सत्र में 30 छात्राओं को नौवीं कक्षा में प्रवेश दिलाया गया है लेकिन अब तक यहां कक्षाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। एक अभिभावक ने बताया कि वह हर माह इस संबंध में जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) से जानकारी लेने जाते हैं तो उन्हें अगले माह कक्षाएं शुरू होने के भरोसा दिया जाता है। ऐसे ही करीब आठ माह बीत गए और बेटी पढ़ने के लिए विद्यालय तक नहीं जा सकी है। यही हाल रहा तो साल बर्बाद हो जाएगा । उच्चीकृत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय भोगांव के भवन को मार्च 2025 में ही बेसिक शिक्षा विभाग के हैंडओवर कर दिया गया था। उस समय अप्रैल से ही कक्षा संचालन करने का भरोसा दिया गया। अब छात्रावास के हस्तांतरित नहीं होने की बात कहककर छात्राओं को स्कूल नहीं बुला जा सका है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कुछ महीने से छात्राओं के लिए मध्यान भोजन के मद में धनराशि जारी की जा रही है। सवाल उठ रहा है कि जब छात्राएं विद्यालय गईं ही नहीं तो भला मध्यान भोजन कौन खा रहा है। जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) अभिजीत जायसवाल का कहना है कि शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। अभिभावकों को जानकारी दे दी गई है। कल हमारी मीटिंग है दो एक दिन में छात्राओं को बुला लिया जाएगा। बीएसए दीपिका गुप्ता का कहना था कि छात्रावास हस्तांतरित नहीं हुआ है। ऐसे में कक्षा आठ तक की छात्राओं के साथ रखने के आदेश दिए गए हैं। मैं प्रशिक्षण के लिए बाहर आई हूं। मैं कहकर आई थी कि छात्राओं को अध्ययन के लिए बुलाया जाए। सोमवार को पहुंच कर मामले की जानकारी लेती हूं।