फोटो 30 सौ शैया अस्पताल में सिजेरियन प्रसव से जन्मे बच्चों के साथ डॉक्टरों की टीम। स्रोत स्वास्
मैनपुरी। जिले की गर्भवती महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। अब रात के समय सिजेरियन प्रसव कराने के लिए उन्हें इधर-उधर भटना नहीं पड़ेगा। सौ शैया अस्पताल में ही स्त्री रोग विशेषज्ञ सिजेरियन प्रसव कराएंगी। सीएमओ डॉ. आरसी गुप्ता के निर्देश पर सौ शैया मातृ शिशु अस्पताल में रात में सिजेरियन प्रसव की सुविधा शुरू करा दी गई है। शुक्रवार की रात पांच महिलाओं के सिजेरियन प्रसव कराए गए। इसमें चार बालक और एक बालिका ने जन्म लिया है।जिले के सरकारी अस्पतालों में रात के समय सिजेरियन प्रसव की सुविधा नहीं होने के कारण प्रसूताओं को निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर होना पड़ रहा था। शासन के निर्देश पर सीएमओ ने सौ शैया मातृ एवं शिशु अस्पताल में रात के समय भी सिजेरियन प्रसव कराने को कहा। जिससे अब रात में भी यहां सिजेरियन प्रसव की सुविधा शुरू हो गई है। इसके लिए अस्पताल में तैनात छह स्त्री रोग विशेषज्ञों को जिम्मेदारी दी गई है। अभी तक यहां औसतन दिन में 22 से 30 प्रसव होते हैं। इनमें 13 से 15 ऐसी प्रसूताएं होती हैं, जिनका सिजेरियन प्रसव कराना पड़ता है। अब रात के समय भी सिजेरियन प्रसव की सुविधा शुरू की गई है। इससे प्रसूताओं को प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। शुक्रवार की रात सीएमएस डाॅ. शशांक कुमार की देखरेख में स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ. पल्लवी निखार पाल ने निश्चेतक डाॅ. विकास यादव, डाॅ. अरविंद तोमर, ओटी टेक्नीशियन हिमांशु कुशवाह, शशी बाथम के साथ पांच प्रसूताओं के सिजेरियन प्रसव कराए। जिनमें नगर की पुरानी बस्ती देवपुरा निवासी रजनी शर्मा, मुहल्ला छपट्टी निवासी नेहा, नगला स्वामी टिंडौली निवासी प्रियंका, एलाऊ के गांव बघिरुआ निवासी प्रीति ने पुत्र को जन्म दिया जबकि नगर के पचौरी कंपाउंड निवासी अर्चना ने पुत्री को जन्म दिया है।