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Mainpuri: तीन डिग्री सेल्सियस में खुले आसमान के नीचे गोशाला में ठिठुर रहे गोवंश, जिम्मेदार बेपरवाह

Thu, 12 Jan 2023 12:17 AM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

मैनपुरी में भीषण ठंड में गोशालाओं में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। तीन डिग्री के इस न्यूनतम तापमान पर गोवंश खुले आसमान के नीचे पड़े रहते हैं। इसकी तरफ कोई ध्यान देने वाला नहीं है।  
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भीषण ठंड में खुले आसमान के नीचे पड़े बीमार गोवंश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मैनपुरी में गोशाला में संरक्षित बेसहारा गोवंशों की फाइलों में ही बेहतर देखभाल हो रही है। हकीकत विचलित करने वाली है। कड़कड़ाती सर्दी में भी शहर के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गोशाला में गोवंश खुले आसमान के नीचे ठिठुरते रहते हैं। कुछ बीमार गोवंश तो रात में ही खून तक जमाने वाली सर्दी में ही आखिरी सांसें गिन रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार इससे बेपरवाह हैं और सब कुछ ठीक होने का दावा करते हैं। 

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जिले में बेसहारा गोवंशों को संरक्षित करने के लिए डेढ़ दर्जन गोशालाओं का संचालन किया जा रहा है। 

शहर के ट्रांसपोर्ट नगर में नगर पालिका द्वारा गोशाला का संचालन किया जा रहा है। सबसे पहले इसी गोशाला का निर्माण शासन ने कराया था। यहां वर्तमान में लगभग चार सौ गाय और ढाई सौ के करीब सांड़ को संरक्षित किया गया है। कहने को तो इनकी बेहतर से बेहतर देखभाल का दावा नगर पालिका और जिला प्रशासन करता है। लेकिन, गोशाला के दीवारों में कैद इन बेसहारा गोवंशों का हाल बदहाल है। 

वर्तमान में सर्दी अपने चरम पर हैं, न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस से नीचे तक पहुंच चुका है। लेकिन, शायद ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गोशाला के गोवंशों को ये सर्दी नहीं लगती। तभी तो सुबह चार बजे ही गोवंशों को खुले आसमान के नीचे ठिठुरने के लिए हांक दिया जाता है। यहां दिन पर गोवंश ठिठुरते रहते हैं, लेकिन न तो गोशाला के केयर टेकर उनकी परवाह करते हैं न कोई अन्य। 

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गोवंशों की संख्या की अपेक्षाकृत बहुत छोटा है टीनशेड - फोटो : अमर उजाला
हाल ये है कि सर्दी के चलते कई गोवंश तो अब बीमार होकर मैदान में ही गिरने लगे हैं। गिरने वाले गोवंशों तो रात में भी यहीं पड़े रहते हैं। खून जमाने वाली सर्दी में ये गोवंश अपनी आखिरी सांसें गिन रहे हैं। शासन को जब भी रिपोर्ट जाती है तो बेहतर देखभाल का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत में गोशाला की तस्वीर बेहद खराब है। 

तिरपाल का पता नहीं गोवंशों की पीठ से झूल भी नदारद

गोवंशों को सर्दी से बचाने के लिए शासन और प्रशासन ने गोशाला में तिरपाल लगाने के आदेश दिए थे, ताकि गोवंश उनके नीचे खड़े हो सकें। लेकिन नगर पालिका ने इस आदेश को हवा में उड़ा दिया। 

अफसरों के लिए ही खुलता है गोशाला का दरवाजा 

ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गोशाला की बदहाली किसी को पता न चले इसके लिए फूलप्रूफ इंतजाम जिम्मेदारों ने किया है। केवल गोशाला पहुंचने वाले अधिकारियों के लिए ही गोशाला का दरवाजा खुलता है। इसके अलावा कोई भी गोशाला जाता है तो उससे साफ कह दिया जाता है कि ऊपर से आदेश है कि गोशाला का दरवाजा न खोला जाए। आप कभी भी गोशाला जाकर इस बात की तस्दीक कर सकते हैं। 
 
ईओ लालचंद भारती ने बताया कि गोशाला में गोवंशों को सर्दी से बचाने के लिए तिरपाल लगाने के निर्देश दिए थे। अगर गोवंश सर्दी में ठिठुर रहे हैं तो जानकारी कर उनके बचाव के लिए व्यवस्था कराई जाएगी।
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