मैनपुरी। विवाहित प्रेमिका के भाई की हत्या के आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। जिला न्यायाधीश रूपेश रंजन ने याचिका पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। शासकीय अधिवक्ता ने साक्ष्य प्रस्तुत कर जमानत का कड़ाई से विरोध किया था। छह अप्रैल को कस्बा कुसमरा की पूजा अपने बच्चों के साथ फर्रुखाबाद स्थित मायके गई थी। उसका 25 वर्षीय भाई करन मिश्रा सात अप्रैल को उसे कुसमरा छोड़ने आया था। रात में करन घर में ही सोया था। रात करीब 12 बजे उसकी आंख खुली। उसने बहन पूजा को प्रेमी जितेंद्र उर्फ जीतू के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा। इसी बात पर दोनों के बीच विवाद हो गया। पूजा के कहने पर जितेंद्र ने करन के सिर में गोली मार दी। हत्या के बाद जितेंद्र ने शव को बाइक पर रखकर करीब ढाई किलोमीटर दूर ईशन नदी किनारे झाड़ियों में फेंक दिया था। पूरी घटना पूजा के 10 वर्षीय पुत्र रितिक ने देखी थी। आठ अप्रैल की सुबह पूजा ने परिजन को भाई के लापता होने की जानकारी दी। बाद में वह कुसमरा चौकी पहुंची और भाई को तलाश करने की मांग की। दोपहर में पुलिस और परिजन घर आए तो रितिक ने पूरा राज खोल दिया। उसने बताया कि रात में घर आए अंकल ने मामा की गोली मारकर हत्या की थी। इस पर करन के भाई मोहित मिश्रा ने बहन पूजा और उसके प्रेमी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने पूजा और जितेंद्र उर्फ जीतू को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया और वहां से जेल भेज दिया था।