महोबा। माध्यमिक स्कूलों में जुलाई से ही उपचारात्मक शिक्षण कार्य शुरू होगा। कक्षाओं के ऐसे बच्चों का चयन किया जाएगा, जिन्हें विषय समझने में दिक्कत आ रही है। यह प्रक्रिया हर विषय की कक्षा में की जाएगी। ताकि कमजोर बच्चे भी बेहतर तरीके से विषयों को समझ कर पढ़ाई कर सकें।
इसको लेकर स्कूल शिक्षा विभाग के महानिदेशक विजय किरण आनंद ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कक्षा के कमजोर बच्चों का चयन करके उनके लिए अलग से उपचारात्मक कक्षाएं लगाई जाएंगी। शिक्षक विद्यार्थी की समस्या का समाधान करने और विषय के प्रति उसकी समझ को विकसित करने का प्रयास करेंगे। मासिक परीक्षा में आने वाले अंकों के आधार पर भी विद्यार्थियों की समीक्षा की जाएगी। जिन विद्यार्थियों को विषय की परीक्षा में कम नंबर मिलेंगे, शिक्षक उन विद्यार्थियों से बात करके कारण पता लगाएंगे। अगर विषय के प्रति कम समझ इसकी वजह होगी तो शिक्षक इसे दूर करने का प्रयास करेंगे। उपचारात्मक शिक्षण कार्य शुरू होने से कमजोर बच्चों बेहतर तरीके से शिक्षा हासिल हो सकेगी। मेधावी बच्चों की तरह कमजोर बच्चे भी कक्षा में अपना प्रदर्शन बेहतर कर सकेंगे।