महोबा। बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर पिछले 11 साल से नंगे पैर चलकर हठयोग सत्याग्रह कर रहे हैं। वे बुंदेलखंड में एम्स और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मांग को लेकर प्रधानमंत्री से महोबा आने की गुहार लगा रहे हैं। तारा पाटकर ने एक सितंबर 2015 को जूते चप्पल त्याग दिए थे। उन्होंने आल्हा चौक पर 259 दिन अनशन किया और एक लाख से अधिक खत प्रधानमंत्री को भेजे हैं। 52 बार अपने खून से भी खत लिखे गए हैं। तारा पाटकर ने बताया कि इन प्रयासों के बावजूद जिला अस्पताल की हालत नहीं सुधरी। केंद्र सरकार ने 23 एम्स खोलने की घोषणा की है पर बुंदेलखंड को अब तक यह सौगात नहीं मिली। उत्तर प्रदेश में गोरखपुर और रायबरेली में एम्स चालू हो चुके हैं। पाटकर ने कहा कि नंगे पैर चलना कष्टकारी होता है पर उनका संकल्प जारी रहेगा। उन्होंने हरियाणा के रामपाल कश्यप का उदाहरण दिया जिन्हें प्रधानमंत्री ने 14 साल बाद खुद जूते पहनाए थे। पाटकर भी प्रधानमंत्री से महोबा आकर एम्स की घोषणा करने का आग्रह किया है।