ब्लॉक प्रमुख कबरई द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन में जालौन से आईं कावित्री नीलम कश्यप ने मां वीणापाणि की वंदना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्हाेंने दे दे ताराें की झनकार मैया रस बरसे हमारे अंगना... प्रस्तुत किया। पुखरायां से आए कवि संजीव कुलश्रेष्ठ ने सफर के मारे हुए नींद के सताए हैं, गमों की गोद में रहकर भी मुस्कुराए हैं। इसके अलावा जिंदगी डगमगाए तो संभल जाएगी, रुख हवा का जरा सा बदलने तो दो सुनाकर श्रोताआें को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर कार्यक्रम संचालक रविंद्र शर्मा ने देश की राजनीति पर कटाक्ष करने के साथ-साथ चुटकुले सुनाकर लोगों को लोटपोट कर दिया। कानपुर के केके अग्निहोत्री, छतरपुर के संजय खरे, रोहित, मनोज आदि कवियों ने भी अपनी रचानएं सुनाईं ।