महोबा। ईद को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। बाजारों में ईद की रौनक नजर आ रही है। बाजार की हर दुकान पर ग्राहकों की लाइन लगी है। बाजार में कोलकाता व लखनऊ के कुर्ते की धूम है। वहीं अपनी पसंदीदा स्टाइल के कुर्ते की सिलाई कराने के लिए टेलर की दुकानों में ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। इस बार युवाओं में कुर्ता-पयजामा का क्रेज कुछ ज्यादा ही दिखाई दे रहा है।
इस्लाम धर्म में ईद के त्योहार की बहुत अहमियत है। पवित्र माह रमजान में 29 या 30 रोजे रखे जाते हैं। इसे बरकतों का महीना कहा गया है। धर्म के मानने वालों का कहना है कि रमजान में जो एक रुपये खर्च करता है, अल्लाह उसको सत्तर गुना देता है। अधिक सवाब मिलने की वजह से माह रमजान में लोग खुलकर खर्च करते हैं। अब ईद को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। सोमवार को कपडे़, जूते, इत्र आदि सामानों की खरीदारी के लिए बाजार में ग्राहकों की भीड़ उमड़ी रही। सौंदर्य प्रसाधनों की दुकानों पर महिलाओं की अच्छी-खासी भीड़ रही। पिछले साल की अपेक्षा इस बार खरीददारी ज्यादा हो रही है। रेडीमेड कपड़ों के दुकानदारों का कहना है कि कोलकाता व लखनऊ के कुर्ते भी लोग बढ़-चढ़कर खरीद रहे हैं। यह कुर्ते व कुर्ती पांच सौ रुपये से ढाई हजार रुपये तक में बिक रहे हैं। कुर्ता की खरीदारी युवा ज्यादा कर रहे हैं। उधर, टेलर शानू का कहना है कि उनके पास एक माह पहले से ही कुर्ता पयजामा की सिलाई कराने के लिए ग्राहक आने लगे थे। सबसे ज्यादा कुर्ता-पयजामा की डिमांड है।