फोटो 07 एमएएचपी 13 परिचय-कथा सुनने के लिए जुटी महिलाओं की भीड़। संवाद
चरखारी (महोबा)। कस्बे में राजगुरु आवास पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन बुधवार को आचार्य अतुल कृष्ण भारद्वाज ने भक्तों को कथा का रसपान कराया। आचार्य ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला जीव और परमात्मा के मिलन का मार्ग दिखाती है। गोपियां जीवात्मा हैं जबकि भगवान श्रीकृष्ण परमात्मा। रास का तात्पर्य है काम पर विजय प्राप्त करना व जीव का परमात्मा से मिलन है। हम परमात्मा को पाना चाहते हैं लेकिन अपने चारों ओर अनेक प्रकार के आडंबर फैलाए रखते हैं। रासलीला वास्तव में जीव व परमात्मा के मिलन की एक आध्यात्मिक यात्रा है। जिस पर चलकर असीम शांति और आनंद की अनुभूति होती है। कथा सुनने के लिए भक्तों की भारी भीड़ जुटी रही। (संवाद)