महोबा। बिलवई गांव में तीन दिन पहले बारिश व ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने से परेशान किसान ने खेत पर पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक को बैंक कर्ज की अदायगी व बेटी के हाथ पीले करने की चिंता सता रही थी।
बिलवई गांव निवासी महेश (45) दस बीघा भूमि में खेती किसानी करके परिवार का भरण पोषण करता था। वह कुछ भूमि बटाई पर भी लिए था। इस बार उसने गेहूं की बुआई की थी। फसल पककर तैयार हो गई थी। तीन दिन पहले तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से फसल खेत में ही बिछ गई थी। इससे वह परेशान रहने लगा। गुरुवार की सुबह पांच बजे किसान खेत पहुंचा। फसल बर्बाद देख सदमे में आए किसान ने खेत की मेड़ पर लगे पेड़ से फंदा लगा लिया। 10 बजे पुत्र शिवम खाना देने खेत पहुंचा तो पिता का फंदे पर शव लटका देखा।
मृतक के भाई धर्मेंद्र व पुत्र शिवम ने बताया कि पिता पर एसबीआई से किसान क्रेडिट कार्ड पर 1.80 लाख का कर्ज था। इसकी अदायगी की चिंता सता रही थी। बहन की शादी के लिए वह चिंतित रहते थे। इस बार खेती में बेहतर पैदावार की उम्मीद थी लेकिन बारिश व ओलावृष्टि फसल बर्बाद हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कोतवाली प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि घटना के कारणों की जांच कराई जा रही है।