फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मां के इलाज के लिए दो घंटे भटका बेटा, हंगामे के बाद किया भर्ती

विज्ञापन
विज्ञापन
महोबा। जिले की स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं आ पा रही है। डॉक्टरों की मनमानी के चलते मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं। रविवार को मां की हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे बेटे को दो घंटे तक भटकना पड़ा। डॉक्टर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में भेजकर खानापूर्ति करते रहे। युवक के हंगामे के बाद जिला अस्पताल में मरीज को भर्ती किया गया।
विज्ञापन

शहर के नयापुरा बंधानवार्ड निवासी भगवानदीन ने बताया कि मां सावित्री देवी को यूरिन नहीं आ रही थी। वह रविवार की सुबह करीब सात बजे मां को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। यूरिन पाइप लगाने के लिए महिला स्टाफ न होने की बात कहकर डॉक्टर ने महिला अस्पताल रेफर कर दिया। वह महिला अस्पताल पहुंचा तो वहां से पुरुष अस्पताल जाने की बात कही गई। गंभीर हालत में मां को लेकर भटक रहे बेटे ने बार-बार मिन्नतें की तो स्वास्थ्य कर्मचारियों ने दर्द का इंजेक्शन लगाकर दोबारा जिला अस्पताल भेज दिया। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में स्टाफ न होने का फिर हवाला दिया। जिससे नाराज युवक ने हंगामा शुरू कर दिया। मामला बढ़ने पर महिला स्वास्थ्य कर्मी को बुलाकर यूरिन पाइप लगाया और दो घंटे बाद वार्ड में भर्ती किया।
युवक ने आरोप लगाया कि चार जून को उसकी मां को पक्षाघात होने पर वह जिला अस्पताल लेकर आया था। जहां से बिना उपचार व सीटी स्कैन किए झांसी रेफर कर दिया गया। 1.80 लाख रुपये कर्ज लेकर उसने मां का उपचार कराया जबकि जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा है। यदि अस्पताल में ही इलाज होता तो उसे दूसरों से कर्ज नहीं लेना पड़ता। पीड़ित ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं। उधर सीएमएस आरपी मिश्रा का कहना है कि अस्पताल में नर्सों का अभाव है। सुबह जब नर्स ड्यूटी पर आई तो मरीज को यूरिन पाइप लगवाकर भर्ती कराया गया है। इलाज चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें