संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। रबी फसल की सिंचाई और पलेवा के लिए नहरों में सात नवंबर से पानी छोड़े जाने के दावे हवा-हवाई साबित हुए। बांधों से सिंचाई के लिए नहरों में पानी न छोड़े जाने से किसान परेशान है। बुधवार को किसानों का धैर्य जवाब दे गया। हलधर किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर विरोध जताया। चेतावनी दी कि यदि जल्द नहरें नहीं खुलीं तो किसान उर्मिल बांध पर धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।
जिले में रबी सीजन की अधिकांश फसलें नहरों से सिंचाई पर आश्रित हैं। जिले के उर्मिल बांध को छोड़कर शेष चार बांधों अर्जुन, चंद्रावल, कबरई व मझगवां बांध की नहरों में पानी छोड़ जाने के लिए सिंचाई विभाग ने 16 नवंबर से रोस्टर जारी किया था, लेकिन किसानों ने वर्तमान में फसलों की सिंचाई और पलेवा की जरूरत बताई थी। किसानों की मांग पर सात नवंबर से नहरें खोले जाने के आदेश दिए गए थे, लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया। जिससे किसानों की रबी फसल पिछड़ रही है। जानकारी करने पर कोई ठोस जवाब न मिलने से किसान परेशान है।
बुधवार को हलधर किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष जनक सिंह परिहार के नेतृत्व में किसान अनिल प्रताप सिंह, कौशलेंद्र सिंह, अभिषेक, प्रेमचंद्र, बृजेंद्र तिवारी, हरिहर, शंकरलाल, अर्जुन सिंह, विजय समेत 50 से अधिक किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंच नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। बाद में डीएम मृदुल चौधरी को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की ताकि, रबी फसलों को सिंचाई के लिए पानी मिल सके। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र नहरें नहीं खोली गईं तो वह आंदोलन को मजबूर होंगे।
उधर, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजय प्रसाद का कहना है कि 16 नवंबर से नहरों में पानी छोड़ने का रोस्टर जारी किया गया है। किसानों की मांग पर नहरें सात नवंबर से खोली जानी थी, लेकिन नहरों की सिल्ट सफाई का काम पूरा नहीं हो सका। अर्जुन बांध की नहर खोल दी गई है। जल्द ही अन्य बांधों से किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
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धीमी गति से चल रहा नहरों की सफाई का काम
महोबा। नहरों के माध्यम से टेल तक पानी पहुंचाए जाने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा नहरों की मरम्मत व सिल्ट सफाई का काम कराया जा रहा है। बेहद धीमी गति से काम होने के चलते अधिकांश नहरों की सिल्ट सफाई नहीं हो सकी। जिससे नहरों में पानी छोड़े जाने को लेकर देरी हो रही है। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मनमानी के चलते समय से सिल्ट सफाई नहीं कराई गई। अब पानी छोड़ने का समय आया तो सफाई का काम कराया जा रहा है। यदि समय पर सफाई होती तो किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलता। पनवाड़ी, चरखारी व कबरई ब्लॉक में अभी जेसीबी से नहरों की सिल्ट सफाई का काम कराया जा रहा है।
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फसल बीमा में घोटाले की जांच की मांग
महोबा। विभिन्न समस्याओं के लेकर भारतीय हलधर किसान यूनियन के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में हुए घोटाले की जांच कराए जाने की डीएम से मांग की। बताया कि वर्ष 2022-23 में फसल बीमा में बड़ा घोटाला किया गया है। जिसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए और किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलाया जाए। अन्यथा की स्थिति में किसान उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे।